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CG Indira Van Mitan Yojana 2026 | छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना - वनवासियों के विकास के लिए नई योजना

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CG Indira Van Mitan Yojana 2026 is a Chhattisgarh government scheme launched to make forest dwellers of the state self reliant. Under this scheme, the state government forms groups of youth in around 10,000 villages of tribal areas who take charge of all forest based economic activities. These activities create self employment opportunities for the forest dwellers and help them earn a better living from the forest produce around them.

The scheme was announced by the then Chief Minister Bhupesh Baghel on 9 August 2020 on the occasion of World Tribal Day. The state government continues to run this scheme for the welfare of tribal families living in the scheduled areas of Chhattisgarh.

CG Indira Van Mitan Yojana (छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना)

In CG Indira Van Mitan Yojana, the state government plans to cover around 19 lakh families in scheduled areas through youth groups. Each group has 10 to 15 members and forest dwelling youth get priority in these groups. The groups formed under the scheme manage the trees and collect forest produce from the trees in forest areas. They also arrange the purchase of forest produce to make sure that the gatherers get the right price for their produce.

Chhattisgarh Indira Van Mitan Yojana in Hindi

इंदिरा वन मितान योजना (CG Indira Van Mitan Yojana) छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गयी एक योजना है जिसके तहत राज्य में वनवासियों के विकास के लिए कई कार्य किए जाते हैं। सीजी सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वनवासियों को खुशहाल और वनांचल के गांवों को स्वावलंबी बनाना है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 09 अगस्त 2020 को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर इस इंदिरा वन मितान योजना के शुभारंभ की घोषणा की थी।

इंदिरा वन मितान योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी अंचल के 10,000 गांवों में युवाओं के समूह गठित कर उनके माध्यम से वन आधारित समस्त आर्थिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। 10 से 15 सदस्यों के इन समूहों में वनवासी युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाती है। योजना के तहत प्रत्येक आदिवासी विकासखण्ड में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र (Forest Produce Processing Center) की भी स्थापना की जाती है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने इंदिरा वन मितान योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों के 19 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के माध्यम से समूहों को वृक्ष प्रबंधन का अधिकार प्रदान किया जाता है जिससे वे वन क्षेत्रों के वृक्षों से वनोपज संग्रहण कर आर्थिक लाभ ले सकें।

छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना लांच

छत्तीसगढ़ राज्य की इस योजना के तहत बनाई जाने वाली समूहों के माध्यम से ही वनोपज की खरीदी, उसका प्रसंस्करण (Processing) एवं मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। योजना के तहत बनाए जाने वाले इन समूहों के माध्यम से वनवासियों के स्वरोजगार और उनकी समृद्धि के नए द्वार खुलते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य में पहले 7 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी होती थी जिसे अब बढ़ाकर 31 कर दिया गया है।

इंदिरा वन मितान योजना के लाभ

Benefits of Indira Van Mitan Yojana

छत्तीसगढ़ इंदिरा वन मितान योजना के कुछ मुख्य लाभ इस प्रकार हैं।

  • वनवासियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर।
  • योजना के तहत बनाए जाने वाले समूहों को वन प्रबंधन के अधिकार।
  • वन समूहों के माध्यम से बिकने वाले वनोपज का सही मूल्य।
  • प्रत्येक विकासखण्ड में वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना।
  • वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए इमारती लकड़ी की बजाए फलदार और वनौषधियों का पौधरोपन।
  • लघु वनोपज की खरीदी और उनके समर्थन मूल्य में वृद्धि।
  • योजना से लगभग 5 से 6 लाख लोग जुड़ेंगे।

योजना के तहत वनोपज प्रसंस्करण केन्द्रों की स्थापना

Establishment of Forest Produce Processing Units

इंदिरा वन मितान योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों के 85 विकासखण्ड में शुरू होने वाले वनोपज प्रोसेसिंग केन्द्रों के लिए 8 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि खर्च की जाती है। प्रत्येक केंद्र की स्थापना के लिये लगभग 10 लाख रुपए दिये जाते हैं।

इन Processing Centers की मदद से वन में पैदा होने वाली सभी प्रकार की उपज का प्रसंस्करण किया जाता है जिसको बेचने और मार्केटिंग का अधिकार समूहों के पास होता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना की भी शुरुआत की है जिसके तहत तेंदुपत्ता संग्राहक परिवारों को जीवन बीमा दिया जा रहा है।

इस योजना की अधिक जानकारी के लिए Chhattisgarh State Minor Forest Produce Co-operative Federation की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।

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