युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना 2019 – कृषि उत्पाद कारोबार के लिए 3 करोड़ का लोन

Views: 134 | Dated: October 12, 2019 | Updated On: October 12, 2019 | By: Karan Chhabra | | By | Beneficiaries: | |
युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना 2019 – कृषि उत्पाद कारोबार के लिए 3 करोड़ का लोन

केंद्र सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए कल 11 अक्टूबर को युवा सहकार योजना 2019 को (Yuva Sahakar Scheme) लॉन्च कर दिया है। इस सरकारी योजना को स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया योजना की तर्ज पर चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री युवा सहकार योजना (Yuva Sahakar Scheme) की शुरुआत कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली के प्रगति मैदान में करी ।

दिल्ली में पहली बार शुरू हो रहे तीन दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसका मकसद कृषि और उससे संबंधित उत्पादों को व्यापक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता प्रदान करना है। सरकार इस युवा सहकार या सहकारिता योजना (Yuva Sahakar Cooperative Enterprise Support and Innovation Scheme) को एग्री को-ऑपरेटिव्स क्षेत्र के लिए लेकर आ रही है जिससे इस क्षेत्र को उछाल मिल सके।

अगर आप युवा हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी बना कर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप में हाथ आजमाना चाहते हैं तो वे इस योजना (Yuva Sahakar Cooperative Enterprise Support and Innovation Scheme) के तहत सब्सिडी या फिर कम ब्याज पर लोन ले सकते हैं और अपने कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकते हैं।

युवा सहकार योजना 2019 – लाभ, विशेषताएँ

प्रधानमंत्री युवा सहकार योजना 2019 में कुछ महत्वपूर्ण लाभ युवाओं और लोगों को प्राप्त होंगे जो निम्न्लिखित हैं:

  • कृषि मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम प्रधानमंत्री युवा सहकार योजना (Pradhan Mantri Yuva Sahakar Scheme) के तहत रियायती दर पर लोन उपलब्ध कराएगा। योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र और आकांक्षी जिलों में सहकारिता समितियों को नवाचार (Pradhan Mantri Yuva Sahakar Scheme) के लिए 80 और 20 के अनुपात में लोन मिलेगा।
  • प्रधानमंत्री युवा सहकार,सहकारिता योजना (PM Yuva Sahakar Scheme in hindi) के अंतर्गत सुविधा शत प्रतिशत महिला सहकारी समितियों, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों तथा दिव्यांगों को दी जाएगी।
  • कृषि संबंधित उत्पादों का कारोबार करने के लिए एक से तीन करोड़ रुपए तक का लोन आसानी से मिल सकेगा। जिससे कारोबारी अपने उत्पादों को आसानी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकें।
  • युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना (PM Yuva Sahakar Scheme in hindi) के लिए केंद्रीय सरकार ने 100 करोड़ रूपये का सालाना बजट भी आवंटित कर दिया है। इस योजना का मकसद देश के गांवों में अर्थ क्रांति लाना है।
  • अन्य सहकारी समितियों को 70 और 30 के अनुपात में कम ब्याज पर लोन मिलेगा।

चीन की तर्ज पर अर्थक्रांति शुरू करेगी मोदी सरकार
चीन में भी इस तरह की योजना को 1990 के दशक के उत्तरार्ध से शुरू किया गया था जिससे किसान सहकारी की तादाद में तेजी से वृद्धि हुई थी और 2007 में किसान पेशेवर सहकारी के लिए अलग से राष्ट्रीय कानून लाया गया जिससे किसान पेशेवर सहकारी की स्थापना करने और उसके प्रबंधन में सरकार की ओर से काफी मदद मिली और किसानों में उद्यमिता का विकास हुआ।

चीन की कामयाबी को देखते हुए हमारी सरकार भी किसानों और कृषि के सहकारी क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के लिए किसान सहकारी को बढ़ावा देकर देश में अर्थक्रांति लाना चाहती जिसमें यह युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना (Yuva Sahakar- Cooperative Enterprise Support and Innovation Scheme) मील का पत्थर साबित हो सकती है।

युवा सहकार योजना 2019 – मेलें में शामिल देशों की सूची

मेले में 35 देशों के प्रतिनिधि ने हिस्सा लिया और आगे आने वाले समय में पर्यावरण को बचाने के लिए भी बाते हुई:
— मेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, चीन, ब्राजील, बंगलादेश
— नेपाल, भूटान, फिजी, जर्मनी, ईरान, मलेशिया, मारीशस, रुस, स्पेन, श्रीलंका आदि देश शामिल हैं।
— मेले का आयोजन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय संगठन नेडैक के अलावा नैफेड, एपीडा आईटीपीओ की ओर से किया जा रहा है। कृषि, वाणिज्य तथा विदेश मंत्रालय इसमें सहयोग कर रहा है। तेलंगाना, हरियाणा, उत्तराखंड, पुड्डुचेरी, मेघालय और गोवा व्यापार मेले के साझीदार राज्य है।
— इफको, आईपीएल, अमूल, सीडीबी, यूपीएल, एफएओ, लिनाक, नैफकब आदि की भी मेले में भागीदारी होगी।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि हमारे 94 प्रतिशत किसान कम से कम एक सहकारिता संस्थान के सदस्य हैं। सहकारिता क्षेत्र में कृषि निर्यात को मौजूदा 30 अरब डॉलर से 2022 तक 60 अरब डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है। इस मेले में 35 देशों की करीब 150 सहकारी समितियां व 20 केंद्रीय व राज्य स्तरीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

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