उत्तराखंड दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना 2% ब्याज पर कृषि ऋण योजना

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उत्तराखंड की राज्य सरकार ने राज्य के छोटे और सीमांत किसानों के लिए दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की है। यह एक कृषि ऋण योजना है जो कि राज्य के किसानों को 2% की ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय सहकरिता किसान कल्याण योजना की घोषणा राज्य के 18 वें स्थापना दिवस 9 नवंबर 2017 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने की थी। योग्य किसान 3 वर्ष की अवधि के भीतर ऋण वापस कर सकते हैं। ऋण राशि का भुगतान 1 वर्ष के बाद न करने से किसानो पर समझौता शुल्क लगाया जाएगा।

यद्यपि, यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पहाड़ी इलाकों से स्थानान्तरण को काम करने में मदद करेगी। यह कृषि ऋण योजना किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार करने में भी मदद करेगी। राज्य सरकार चेक के रूप में ऋण राशि को वितरित करने के लिए कई शिविरों का आयोजन करेगी।

दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना

राज्य सरकार ने सूचित किया है कि यह योजना 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए केंद्र सरकार के दृष्टिकोण को पूरा करेगी। इस योजना का उपयोग करके, इच्छुक किसान ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी कृषि आधारित इकाइयां स्थापित कर सकते हैं जिससे कि उनके रहन सहन में सुधार किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों के बीच लगभग 4,300 चेक बातें और इसके अलावा, देहरादून में अधिकारियों द्वारा लगभग 15,000 सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये के चेक भी दिए गए। प्रत्येक महिला पुलिस बैंड और आतंकवाद विरोधी दस्ते के लिए सरकार ने 5000 रुपये का नकद पुरस्कार भी वितरित किया है।

सरकार ने सूचित किया है कि उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास और स्थानान्तरण आयोग का गठन किया है। उत्तराखंड देश का 5वां राज्य है जहां एक केंद्रीय वित्त पोषित पहल के तहत DBT योजना शुरू की गई है। अब तक, केंद्र सरकार ने किसानों के लिए 75 लाख करोड़ की सब्सिडी जारी कर दी है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना किसान को उर्वरकों को खरीदने में मदद करेगी। सब्सिडी सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जायेगी।

इसके अलावा, किसान को खेत की मिट्टी की जाँच के लिए मिट्टी का स्वास्थ्य कार्ड मिलेगा ताकि वे मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार बीज, उर्वरक या कीटनाशकों का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, जिन लगभग 2.5 लाख लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत कवर नहीं किया जा सकता है, जल्द ही कवर किया जाएगा और मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन भी दिए जायेंगे।

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