उत्तर प्रदेश निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता / आवारा पशु योजना 2020 – आवेदन फॉर्म प्रक्रिया / पशुपालक चयन पात्रता

UP बेसहारा गोवंश सहभागिता / आवारा पशु योजना 2020 की आवेदन प्रक्रिया / एप्लीकेशन फॉर्म भरने की जानकारी देखें, पशुपालक चयन पात्रता और मानदंड, लाभ की सम्पूर्ण जानकारी
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उत्तर प्रदेश सरकार की 6 अगस्त मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2020 (UP Stray cattle scheme) को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस सरकारी योजना में निराश्रित, बेसहारा गोवंश (Uttar Pradesh Stray cattle scheme) का पालन करने वाले किसानों को 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से पैसे दिये जाएंगे। इस तरह से निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के जरिए किसान भाई बेसहारा पशुओं का पालन करके अपनी आर्थिक तंगी को कम कर सकते हैं साथ ही रास्ते में घूमने वाले आवारा जानवरों को भी आवास मिल जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा 2012 में की गई पशुगणना के अनुसार यूपी में 205.66 लाख गोवंश हैं जिनमें से 12 लाख के लगभग गोवंश बेसहारा या निराश्रित (Yogi Adityanath Stray cattle scheme) हैं। उत्तर प्रदेश में जब योगी सरकार आई थी तो उन्होने बताया भी था की योगी सरकार की योजनाओं की सूची में गोवंश की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा प्रदेश की सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण व भरण पोषण के लिए स्थायी-अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल, गो संरक्षण केंद्र, गोवंश वन्य विहार व पशु आश्रय गृह आदि संचालित कर रही है।

UP निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2020

योगी सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना (Stray cattle scheme in UP) को मंजूरी मिलने के बाद किसान अगर 10 पशुओं को सहारा देता है तो प्रतिदिन के हिसाब से वह 300 रूपये कमा सकता है और हर महिना 9 हजार की अतिरिक्त आय किसान को मिलेगी। उप सरकार की इस योजना से प्रधानमंत्री के “2022 तक किसानों की आय दोगुनी” करने के सपने को भी मदद मिलेगी।

राज्य सरकार द्वारा पहले से ही 523 पंजीकृत गोशालाओं को कुल संरक्षित गोवंश की संख्या के 365 दिनों के लिए 30 रुपये प्रति गोवंश (Nirashrit/Besahara Govansh Sahbhagita scheme (stray cattle scheme) के लिए अनुदान दिया जा रहा है पर स्थायी व अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश अधिक संख्या में होने के कारण उनके रख-रखाव में असुविधा हो रही है।

योगी सरकार द्वारा पहले चरण में लगभग एक लाख पशुओं को हस्तांतरित किया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकर का करीब 109 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होगा। इस योजना से सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी व निराश्रित व बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी आएगी। यह योजना किसानों व पशुपालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी भी बना सकेगी।

UP गोवंश सहभागिता योजना आवेदन फॉर्म प्रक्रिया / पशुपालक चयन पात्रता

अगर कोई भी निराश्रित / बेसहारा गोवंश का पालन करना चाहता है तो वह इच्छुक कृषक / पशुपालक मुख्यमंत्री निराश्रित / बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के लिए कैसे योग्य हो सकता है इसके लिए जानकारी नीचे उपलब्ध है:

  • इच्छुक व्यक्ति संबंधित विकास खंड का मूल निवासी होना चाहिए और वही पर रह रहा होना चाहिए।
  • इच्छुक कृषको/ पशुपालको / अन्य व्यक्तियों के पास पालन-पोषण का अनुभव होना चाहिए और उसके पास पशुओं को रखने का पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
  • इच्छुक कृषको/ पशुपालको को केवल 4 गोवंश ही दिये जाएंगे अगर किसी गाय के साथ बछड़ा भी है तो ऊब दोनों को एक गिना जाएगा।
  • आवेदक का किसी भी बैंक में खाता होना चाहिए।
  • जो भी लोग दूध आपूर्ति या समितियों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • प्रशिक्षित पेरावेट या पशुमित्र को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
  • इच्छुक व्यक्ति चयन हेतु निर्धारित प्रारूप भर कर (आधार कार्ड / वोटर कार्ड / राशन कार्ड) और बैन पासबुक की कॉपी के साथ आवेदन कर सकता है।
  • व्यक्ति निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के आवेदन पत्र को ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी / पशु चिकित्सा अधिकारी से प्राप्त कर सकता है।

योगी आवारा पशु योजना (Stray cattle scheme) – इम्प्लीमेंटेशन / लाभ

– जिलें के डीएम आवारा पशु योजना (Yogi Adityanath Stray cattle scheme) के तहत इच्छुक किसानों व पशुपालकों की लिस्ट तैयार करेंगे जिससे उनके खातों में डीबीटी के जरिए 30 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन के हिसाब से उनके बैंक खाते में जमा किए जाएंगे।
– पशुओं की ईयर टैगिंग भी की जाएगी जिससे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी।
– पशुपालकों, किसानों द्वारा आवारा पशुओं को आसरा देने से रास्ते में निराश्रित पशुओं द्वारा होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
– इसके अलावा तहसील, ब्लॉक व जिला स्तर पर समिति का भी गठन होगा। स्थानीय समिति प्रगति से बीडीओ व एसडीएम को अवगत कराएगी।
– डीएम दफ्तर में पूरा ब्योरा होने की वजह से किसान या पशुपालक जिसने भी निराश्रित पशु को योगी आवारा पशु योजना 2020 के अंदर लिया है वह गोवंश को बेच नहीं पाएगा। ऐसा करने वाले लोगों पर सरकार द्वारा कारवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री आवारा पशु योजना कार्यान्वयन दिशा-निर्देश

सभी किसान या पशुपालक भाई यह ध्यान रखें की उनके खातों में उत्तर प्रदेश आवारा पशु योजना 2020 के अंतर्गत पैसे हर महिनें के हिसाब से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct benefit transfer – DBT) भुगतान किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की अन्य जनकरी के लिए आप अपने डीएम दफ्तर में संपर्क कर सकते हैं।

गोवंश सहभागिता / आवारा पशु योजना हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री नंबर
1800-180-5141

Animal Husbandry Department Lucknow, UP Contact No
0522-2740482

E-mail
dir-ah.up@nic.incomo

Content Source / Reference Link: http://www.animalhusb.upsdc.gov.in/en SAVE AS PDF
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