उत्तर प्रदेश गुड समारितन योजना – सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुँचाने पर 2,000 रुपये नकद ईनाम

Dated: July 18, 2019 | Updated On: July 18, 2019 | By: Karan Chhabra | 0 Views |
CM Yogi Adityanath Good Samaritan Yojna

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के लिए गुड समारितन योजना (Good Samaritan Scheme in Uttar Pradesh) लाने के लिए नई पॉलिसी पर काम कर रही है। इस सरकारी योजना के तहत वे लोग जो सड़क दुर्घटना में घायलों लोगों को अस्पताल ले जाएंगे उन्हे यूपी सरकार 2,000 रूपये का नकद पुरस्कार (Rs. 2,000 Incentives Under Good Samaritan Scheme UP) प्रदान करेगी ताकि घायल व्यक्ति का इलाज समय पर हो सके। अभी गुड समारितन योजना के लिए राज्य सरकार रोडमैप तैयार कर रही है जिसके बाद 2-3 महीनों के अंदर इस सड़क दुर्घटना पीड़ित योजना (Scheme for Road Accident Victims) के शुरू होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश गुड समारितन स्कीम (Uttar Pradesh Good Samaritan Yojna Objectives) का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति को महत्वपूर्ण घंटों (यानि दुर्घटना होने के पहले घंटे) में चिकित्सा सहायता (Medical Treatment) उपलब्ध करना है जिससे उसकी जान बचाई जा सके। क्यूंकि राज्य सरकार द्वारा निकाले गए आकडे के अनुसार सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआत का पहला घंटा व्यक्ति की जान बचाने (Helping road accident victims) के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।

राज्य के परिवहन विभाग ने फरवरी 2018 में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद (State Road Safety Council – SRSC) की बैठक में इस यूपी गुड समारितन योजना (UP Good Samaritan Yojna) को शुरू किया था।

यूपी गुड समारितन योजना

उत्तर प्रदेश में गुड समारिटन योजना को अन्य राज्यों दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की तर्ज पर शुरू किया गया है। इन सभी राज्यों में पहले से ही दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए स्कीम (Scheme for Road Accident Victims) चल रही है। जहां पर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में ले जाने पर 2,000 रूपये का नकद ईनाम सरकार द्वारा दिया जाता है।

जैसा की आप सभी जानते हैं घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने पर मदद करने वाले को पुलिस और अस्पताल द्वारा बहुत से सवाल पूछे जाते थे जिसको केंद्र सरकार ने 2014 में सूप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदल दिया था। अब गुड समारिटन कानून के तहत किसी भी सहायक व्यक्ति से पुलिस और हॉस्पिटल सवाल जवाब नहीं कर सकते।

यूपी गुड समारिटन योजना के सफलतापूर्वक इम्प्लीमेंटेशन (Uttar Pradesh Good Samaritan Yojna Implementation) के लिए राज्य सरकार ने 50 लाख रुपये की राशि आवंटित करी है। सहायक को दी जाने वाली 2,000 रूपये की धनराशि ‘सड़क सुरक्षा कोष’ (Road safety fund) में से दी जाएगी। राज्य सरकार के आकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में यूपी में सड़क दुर्घटना के 38,811 मामलों में से 20,142 लोगों की मौत हुई थी और 27,507 लोग घायल हुए थे।

वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटनाओं के 42,568 मामले सामने आए, जिसमें से 22,256 लोगों की जान गई और राज्य में 29,664 लोग घायल हुए। अगर इस साल की बात करें तो जनवरी से मई तक उत्तर प्रदेश में 18,521 सड़क दुर्घटनाएं हुईं हैं, जिसमें 10,119 लोग मारे गए हैं और 12,379 लोग घायल हुए हैं।

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