उत्तर प्रदेश तीन तलाक पीड़ित अनुदान योजना 2019 – पीड़िताओं को 6,000 रुपये और नौकरी देगी सरकार

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Dated: September 26, 2019 | Updated On: September 26, 2019 | By: Karan Chhabra |
उत्तर प्रदेश तीन तलाक पीड़ित अनुदान योजना 2019 – पीड़िताओं को 6,000 रुपये और नौकरी देगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए राज्य में तीन तलाक पीड़िता योजना (Triple Talaq Victims Aid Scheme) शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को ट्रिपल तलाक (Triple Talaq Victim Rehabilitation Package) पीड़िताओं से मिले और उन्होंने पीड़िता महिलाओं के लिए कई अन्य बड़ी घोषणाएं करी। इस सरकारी योजना के तहत योगी सरकार ट्रिपल तलाक से पीड़ित (Triple Talaq Victims Aid Scheme) महिलाओं को सालाना 6,000 रुपए अनुदान के रूप में देगी और जो महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं हैं उनके लिए स्वरोजगार शुरू करने में मदद करेगी।

इसके साथ ही यूपी सरकार पढ़ी-लिखी पीड़िता महिलाओं के लिए नौकरी की व्यवस्था भी करेगी जिससे वे अपना और अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें। तीन तलाक पीड़िता योजना (Triple Talaq Victims Compensation Scheme) की घोषणा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुस्लिम महिलाओं को उनका संविधान के अनुसार उनके क्या-क्या अधिकार हैं उनके बारे में बताया की वो तलाक के मामले में अब राज्य या केंद्र सरकार से मदद भी मांग सकती हैं।

उन्होने यह भी बताया की अब जब मुस्लिम महिलाओं को भी सर्वोच्च न्यायालय ने भी अधिकार दे दिया है तो वे ऐसे मामलों में पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत जरूर करें, जिससे की प्रशासन अपना काम कर सके।

उत्तर प्रदेश तीन तलाक पीड़िता अनुदान योजना – मुख्य बातें

सीएम योगी ने इस योजना के अलावा अन्य बाते भी कहीं जिससे की राज्य में शांति बहाल रहे और महिलाओं का किसी भी प्रकार का हनन ना हो और उनके किसी भी तरह के अधिकारों को ना छिना जा सके:

  • तीन तलाक पीड़िताओं (Triple Talaq Victims Compensation Scheme) के लिए सीएम योगी ने कहा कि कोर्ट में उनके केस लड़ने की व्यवस्था सरकार करेगी। क्यूंकि ऐसी परिस्थितियों में मुस्लिम महिलाओं को घर से बाहर निकाल दिया जाता है और उनके पास अपने जीवनयापन के लिए भी पैसे नहीं होते तो वो कोर्ट में केस कैसे लड़ेंगी। इसलिए राज्य सरकार कोर्टकेस में पीड़िता महिला की हर तरह की मदद प्रदान करेगी।
  • इसके साथ ही उन्हे किसी भी तरह की गुजारा करने में परेशानी ना हो इसके लिए सीएम योगी ने कहा कि जो पढ़ी-लिखी महिलाएं हैं, उनके लिए नौकरी की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए भी उनको हर तरह की सहायता प्रदेश की सरकार द्वारा दी जाएगी।
  • इसके अलावा योगी सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्ति में से भी उन्हें लाभ प्रदान हो इसके लिए भी योजना (Triple Talaq Divorcee Aid Scheme) तैयार कर रही है।
  • तीन तलाक मुस्लिम धर्म में एक कुप्रथा की तरह थी जिसको अब सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से खत्म कर दिया है और अब महिलाये अपनी आवाज उठा सकती है।
  • मुस्लिम महिलाओं के अलावा हिंदू महिलाओं के अधिकारों पर भी बड़ा बयान दिया। उन्‍होंने कहा कि पुलिस एक शादी करने के बाद दूसरी शादी करने वाले हिंदू पुरुष पर भी कार्रवाई करे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख गृह सचिव को भी इसमें तलब किया और कहा की वो उन मामलों को देखें जहां पुलिस काम नहीं कर रही है और उन पुलिस वालों पर भी कार्रवाई करें। क्यूंकि कई बार मुस्लिम समुदाय की तरफ से भी पुरुष को बचाने के लिए पुलिस पर दवाब बनाया जाता है।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम – तीन तलाक पीड़िता योजना

अभी तक एक साल में ट्रिपल तलाक (Triple Talaq Divorcee Compensation Scheme Under Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram – PMJVK) के सभी 273 मामलों में पुलिस द्वारा FIR दर्ज की गई है। सीएम योगी ने बुधवार को कहा, उत्‍तर प्रदेश में पिछले एक साल में 273 ट्रिपल तलाक के मामले सामने आए थे। सभी 273 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।

इसके साथ ही उन्होने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया जिनहोने पूरे जी जान से तीन तलाक की कुप्रथा के खिलाफ राज्यसभा और लोकसभा में लड़ाई लड़ी और इसके साथ ही जिन महिलाओं ने तीन तलाक के लिए लड़ाई लड़ी उन्हे भी धन्यवाद किया।

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा कि पांच बार ट्रिपल तलाक कुप्रथा को बंद करने का आदेश दिया गया था। शाह बानो केस में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तुष्टिकरण की नीति अपनाई गई थी जिससे इस कुप्रथा के खिलाफ कानून ना बन सके। यहां तक कि आज सोशल मीडिया के जरिए भी ट्रिपल तलाक दिया जा रहा है। ऐसे में यह कानून बहुत जरूरी है।

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