एसईसीसी लिस्ट 2021 (नई बीपीएल सूची) – आधार कार्ड से होगी लाभार्थियों की पहचान

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Views: 2995 | Dated: September 24, 2019 | Updated On: September 24, 2019 | By: Karan Chhabra | | By | Beneficiaries: | | | | | | | | | | | | | | | | | |
एसईसीसी लिस्ट 2021 (नई बीपीएल सूची) – आधार कार्ड से होगी लाभार्थियों की पहचान

केंद्र सरकार ने सामाजिक, जातिगत और आर्थिक जनगणना के तहत लाभार्थियों की पहचान करने के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है जिससे की एसईसीसी लिस्ट (SECC 2021 Data) में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और नाम में दोहराव की समस्या दूर हो सके। एसईसीसी 2021 नई लिस्ट (SECC 2021 Data New BPL List) में लोगों के नाम उनके 12 नंबर की यूनिक आधार कार्ड संख्या और बायोमेट्रिक की पहचान के आधार पर किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय 2021 में होने वाली सामाजिक, आर्थिक जनगणना (Socio Economic and Caste Census Data – SECC) के तहत सभी लाभार्थियों की पहचान के लिए 12 अंकों के आधार पर जल्द ही जनगणना के लिए अभ्यास शुरू करेगा।

आधार कार्ड को एकमात्र पहचानकर्ता के रूप में इस्तेमाल करने का कदम सरकार को लाभार्थियों (SECC 2021 Beneficiary List) के जीवन स्तर की बेहतर निगरानी में मदद करेगा।

एसईसीसी लिस्ट 2021 – नई बीपीएल सूची

सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह अपडेटेड एसईसीसी लिस्ट 2020 में देश के घरों की सूची पर आधारित होगी, जिसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा संकलित किया जाएगा। अभी तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एसईसीसी 2011 सूची, लिस्ट के आधार पर लोगों को मिल रहा था पर अब आगे जितनी भी योजनायें शुरू होंगी उनका लाभ लाभार्थियों को एसईसीसी 2021 बीपीएल सूची के आधार पर दिया जाएगा।

इसके अलावा जो योजनायें पहले से चल रही हैं जैसे की पीएम आवास योजना, अटल पेंशन योजना, उजाला योजना, उज्जवला योजना, एकीकृत बाल विकास सेवा, जननी सुरक्षा योजना या 60-वर्षीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों का मूल्यांकन आधार कार्ड और एसईसीसी 2021 नई बीपीएल सूची के आधार पर किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने घर की उपलब्धता, शौचालय, बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, और शिक्षा स्तर के साथ-साथ परिसंपत्ति की स्थिति और भूमि की स्थिति सहित 20 मापदंडों को भी इसके अंतर्गत लाने का फैसला किया है। केंद्रीय सरकार जल्द ही हर घर की सामाजिक आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करेगी।

एसईसीसी जनगणना 2021 मोबाइल फोन से होगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि 2021 की जनगणना को मोबाइल फोन के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। उन्होने कहा की अभी तक एसईसीसी जनगणना पारंपरिक कलम और कागज के माध्यम से की जा रही थी जिसको अब डिजिटल इंडिया के तहत पूरा किया जाएगा। जैसा की आप सब जानते ही हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

SECC Database List 2021 के लिए राष्ट्रव्यापी अभ्यास 16 भाषाओं में किया जाएगा जिसमें लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। अमित शाह ने बताया कि जनगणना की तारीख 1 मार्च 2021 होगी, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण 1 अक्टूबर 2020 होगी।

एसईसीसी जनगणना 2021 – लाभ, विशेषताएँ

SECC Data List 2021 के लिए डेटाबेस तैयार करने के बाद निम्न्लिखित कार्यों में सरकार को प्लानिंग करने में मदद मिलेगी:

  • 2021 जनगणना के डेटा से देश में नागरिकों के लिए भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी। जिनमें विशेष रूप से विकास और कल्याणकारी योजनायें बनाने में सहायता मिलेगी।
  • जनगणना एक तरह की जन भागदारी होती है जिसमें लोगों की भागीदारी देने से उन्ही की लिए भविष्य में सरकार निर्णय लेती है।
  • अभी तक आकड़ों के अनुसार भारत देश की आबादी 133 करोड़ के आस-पास है। आगे आने वाले समय में 2021 के एसईसीसी डाटा के अनुसार ही लोगों को भविष्य की किसान, सामाजिक, नागरिकों के लिए बनने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
  • गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जनगणना नगरपालिका वार्डों, विधानसभाओं और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं के सीमांकन में मदद करेगी। जैसा की अभी हाल ही में जम्मू और कश्मीर, लेह लद्दाख की सीमाओं का परिसीमन किया गया था।
  • गृह मंत्री ने 2011 की जनगणना के आधार पर कहा, मोदी सरकार ने हर घर में बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, सड़कों का निर्माण, गरीबों के लिए घर, शौचालय, बैंक खाते और बैंक शाखाओं को खोलने के लिए 22 कल्याणकारी योजनाओं की योजना बनाई थी पर इनमें भी भविष्य में एसईसीसी नई लिस्ट 2021 के अनुसार लाभार्थियों की संख्या में बदलाव किए जा सकते हैं।
  • 2022 तक सरकार का लक्ष्य यह भी होगा की एक भी ऐसा परिवार ना बचे जिसके पास गैस कनेक्शन ना हो।

अमित शाह ने यह भी कहा कि 2011 की जनगणना ने कुछ राज्यों में पुरुष और महिला के खराब लिंगानुपात के चलते हमने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ की मुहिम को शुरू किया, जिससे हर क्षेत्र में बेटियों का योगदान भी बढ़े। इस योजना के तहत, हरियाणा सरकार ने पिछले पांच वर्षों में सबसे अच्छा काम किया है क्यूंकि हरियाणा में लिंगानुपात बिल्कुल भी अच्छा नहीं था जिसको अब राज्य सरकार ने मेहनत करके देश में सबसे अच्छा है बना दिया है।

शाह ने यह भी बताया की राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register – NPR) जिसको पूरे देश में धीरे-धीरे लागू किया जाएगा उसके अंतर्गत भी जनगणना अभ्यास SECC 2021 Database के अनुसार की जाएगी। असम के बाद राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को हरियाणा में जल्दी ही शुरू किया जा सकता है।

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