पंजाब स्मार्ट विलेज कैंपेन योजना 2019 – ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा होगी बेहतर

Dated: January 30, 2019 | Updated On: April 12, 2019 | By: Karan Chhabra | 280 Views |
पंजाब स्मार्ट विलेज कैंपेन योजना 2019

पंजाब सरकार ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 29 जनवरी 2019 को स्मार्ट विलेज अभियान (Smart Village Campaign – SVC) को मंजूरी दे दी है। राज्य में स्मार्ट विलेज कैंपेन योजना के कार्यान्वयन के लिए मंत्री परिषद की बैठक में 384 करोड़ रूपये को मंजूरी मिली है। जिसका उपयोग राज्य सरकार मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए करेगी।

एसवीसी (स्मार्ट विलेज कैंपेन) का उद्देश्य आधारभूत ढांचे और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ चल रही सरकारी योजनाओं का समर्थन करना है, जिससे ग्रामीण इलाकों की हालत में सुधार करना मुख्य उद्देश्य है।

राज्य सरकार ने कहा कि 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त की समिति द्वारा मंजूर किया जाएगा, जबकि 25 लाख रुपये से अधिक की परियोजना को संयुक्त विकास आयुक्त (Joint Development Commissioner) की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय समिति मंजूरी देगी, जिसके तहत पंजाब में कुल 13,276 गांव हैं।

पंजाब स्मार्ट विलेज कैंपेन (SVC) 2019

स्मार्ट विलेज अभियान (Punjab Smart Village Campaign) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों की सभी तरह की स्थिति में सुधार करना है और उन्हे सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उपायुक्त को खंड विकास और पंचायत अधिकारियों से संबंधित और क्षेत्रीय विभागों से प्रस्ताव प्राप्त होंगे।

परियोजनाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा जिसमें डिप्टी कमिश्नर इसके चेयरपर्सन और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर इसके सदस्य के रूप में शामिल होंगे। समिति में अन्य सदस्य भी शामिल किए जाएंगे जैसे की जिला विकास और पंचायत अधिकारी, जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता होंगे।

राज्य सरकार विभिन्न स्रोतों से धन का उपयोग करेगी जैसे की ग्रामीण विकास निधि (Rural development fund), 14वें वित्त आयोग (14th finance commission), मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act – MGNREGA), स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (National rural drinking water programme)।

राज्य के सभी गांवों को सर्वे के आधार पर ग्रेड या रैंक दिया जाएगा। सर्वे के लिए गाइडलाइन ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग (Rural development and panchayat department) द्वारा जारी की जाएंगी।

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