मोदी सरकार का बड़ा फैसला – PMAY के तहत सबको अपने घर तय सीमा से दो साल पहले ही दिए जाएंगे

Dated: December 29, 2018 | Updated On: April 11, 2019 | By: Karan Chhabra | | Beneficiary of Scheme: |
Pradhan Mantri Awas Yojana

केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर मोदी सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला किया है। मोदी सरकार ने ऐलान किया है कि Pradhan Mantri Awaas Yojana के तहत घर अब तय समय से दो साल पहले ही मुहैया कराए जाएंगे। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री ने कहा कि ‘Housing for all’ योजना का लक्ष्य वर्ष 2022 की जगह वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही तक हासिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय शहरी आवास कोष (National Urban Housing Fund – NUHF) के तहत PMAY के लिए खासतौर से अतिरिक्त बजटीय वित्त के रूप में 60,000 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री (Ministry of Housing and Urban Affairs) मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। जिससे हर महीने दो से तीन लाख घरों को मंजूरी प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार का कहना है की देश में तकरीबन 1.2 करोड़ घरों की कमी को पूरा करने और सबको आवास मुहैया करवाना उनका लक्ष्य हैं।

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) में हर महीने होने वाली मीटिंग में 3.10 लाख और घरों की चाबी लाभार्थियों को दी गयी है।

PMAY में घरों का लक्ष्य साल 2022 से 2020 किया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्वतंत्रता की 75वीं सालगिराह मनाने पर पहले ही घोषणा कर दी थी कि साल 2022 तक आवास योजना के तहत देश के सभी परिवारों के पास उनका अपना घर होगा, पर अब इस टाइमलाइन को और कम कर दिया गया है।

PMAY के तहत पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के पांच प्रमुख कार्यक्रमों में समीक्षा भी की गयी। केंद्रीय मंत्री पुरी ने ये भी कहा कि पिछले चार साल में पूर्वोत्तर के राज्यों में PMAY के तहत शहरी गरीबों के लिए 2.3 लाख और घरों को मंजूरी दी जाएगी।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के इम्प्लीमेंटेशन के लिए एशियाई विकास बैंक से 400 करोड़ रुपये के कर्ज की मांग की है। दो दिवसीय समीक्षा बैठक में पूर्वोत्तर के राज्यों के मंत्री, शीर्ष अधिकारी और केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा भी मौजूद थे।

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