प्रधानमंत्री अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना 2019 – 5 करोड़ छात्र-छात्राओं को मिलेगी प्री,पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप

Dated: June 12, 2019 | Updated On: June 12, 2019 | By: Karan Chhabra | | Beneficiaries: |
PM Modi Minority Scholarship Scheme Pre & Post Matric

केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यकों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना 2019 (PM Modi Minority Scholarship Scheme) को शुरू करने का फैसला किया है। मोदी 2.0 सरकार ने अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने उन्हे शिक्षित करने के लिए ही इस पीएम अल्पसंख्यक योजना (PM Modi Minority Scholarship Scheme) को शुरू किया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अल्पसंख्यक वर्ग के सामाजिक,आर्थिक विकास के लिए इस सरकारी योजना का ऐलान किया जिसमें अगले पाँच वर्षों में पाँच करोड़ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। जिसमें आधी संख्या में छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा।

मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान (Maulana Azad Education Foundation – MAEF) की 65वीं सभा के बाद नकवी ने बताया की केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के लिए 3E मंत्र पर काम करेगी जैसे की शिक्षा,रोजगार,सामाजिक-आर्थिक-सशक्तिकरण (3E Mantra – Education,Employment,Empowerment) जिससे की माइनॉरिटी वर्ग के विद्यर्थियों को सशक्त और सक्षम बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना 2019 (Prime Minister Minority Scholarship Scheme) अगले पाँच वर्षों में प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक जैसे पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएगी। अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों जिन्होने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया है उन्हे ब्रिज कोर्स के माध्यम से प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा।

पीएम मदरसा ट्रेनिंग (3E मंत्र शिक्षा,रोजगार,सशक्तिकरण)

केंद्र सरकार ब्रिज कोर्स के माध्यम से देश भर के मदरसों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हे शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए मदरसा के शिक्षकों को उच्च शैक्षणिक संस्थानों से ट्रेनिंग उपलब्ध कराएगी ताकि मदरसों में भी देश के अन्य शिक्षा संस्थानों की तरह ही हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर आदि विषयों की पढ़ाई कराई जा सके। मोदी सरकार इस काम को अगले महीने से शुरू कर देगी।

प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत सरकार कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, गुरुकुल आदि की तर्ज पर आवासीय स्कूलों के निर्माण की योजना भी बना रही है। अल्पसंख्यक इलाकों के वे बच्चे जो आर्थिक-सामाजिक परिस्थितियों के कारण स्कूल नहीं जा पाते हैं, उनके लिए ‘पढ़ो-बढ़ो’ जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा पर ज्यादा फोकस करना होगा।

प्रधानमंत्री पढ़ो-बढ़ो अभियान 2019-20

प्रधानमंत्री पढ़ो-बढ़ो अभियान 2019 (PM Padho-Badho Mission) के तहत सभी दूरदराज के क्षेत्रों में जहां सामाजिक एवं आर्थिक रूप से अभी भी पिछड़ापन है तथा लोग अपने बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में नहीं भेज पा रहे हैं या नहीं भेज रहे हैं, वहाँ पर इस पढ़ो-बढ़ो जागरूकता मिशन को चलाया जाएगा जिससे की बच्चों के माता-पिता को प्रोत्साहित किया जा सके। इसके अलावा पीएम पढ़ो-बढ़ो मिशन के तहत मदरसों को भी तकनीकी सुविधाओं से जोड़ेगी ताकि तकनीकी शिक्षा में किसी तरह की रुकावट का सामना ना करना पड़े।

इसके आलावा इस पीएम अल्पसंख्यक पढ़ो लिखो और बढ़ो अभियान (PM Padho-Badho Mission Alpsankhyak Scholarship Scheme) में नुक्कड़ नाटकों, लघु फिल्मों आदि जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता,प्रोत्साहन अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा की पहले चरण में देश के 60 अल्पसंख्यक बहुल जिलों को इस अभियान के तहत कवर किया जा सके। शिक्षा अभियान में मोदी 2.0 सरकार आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों की प्रशासनिक सेवाओं जैसे की बैंकिंग (Banking), कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission – SSC), रेलवे (Railway) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exam) की फ्री-कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पीएम पढ़ो-बढ़ो अभियान 2019-20 लाभ

पीएम पढ़ो-बढ़ो अभियान की मुख्य विशेषताएँ आप नीचे आर्टिक्ल में देख सकते हैं:

  • केंद्र की इस माइनॉरिटी स्कालरशिप स्कीम से देश में स्वस्थ और समेकित विकास होगा जिससे सांप्रदायिकता तनाव कम होगा।
  • मोदी सरकार के इस अभियान से देश में शिक्षकों के लिए भी रोजगार के अवसर खुलेंगे।
  • मदरसों को इस्लामी तालिम के अलावा शिक्षा की मुख्य धारा में लाया जा सकेगा और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे भी देश के विकास में योगदान दे सकेंगे।
  • इसके अलावा बेगम हजरत महल बालिका छात्रवृत्ति योजना के तहत अगले 5 सालों में आर्थिक रूप से कमजोर 10 लाख छात्राओं को स्कॉलरशिप दी जाएगी।

इसके अलाव केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के जीवनस्तर को उठाने के लिए अन्य योजनाएँ भी भविष्य में शुरू करेगी, जिनकी जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट से जुड़े रह सकते हैं।

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