झारखंड धान खरीद योजना – किसानों को मिलेगी 1750 रूपये प्रति क्विंटल MSP

Dated: November 28, 2018 | Updated On: April 9, 2019 | By: Karan Chhabra | 839 Views |
Jharkhand Paddy Procurement Scheme MSP Farmers

झारखंड सरकार ने 27 नवंबर 2018 को किसानों के लिए धान खरीद योजना (धान अधिप्राप्ति योजना) को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य किसानों से धान को 1750 रूपये प्रति क्विंटल खरीदना है जो केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price – MSP) भी है। यह निर्णय झारखंड के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में लिया गया है।

राज्य सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष में किसानों के बोनस को जारी रखने पर भी विचार कर रही है। धान अधिप्राप्ति योजना में धान की खरीद 1 दिसंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक चलेगी। धान खरीदने के लिए, भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India – FCI) के मॉडल में कुछ बदलाव भी किए गए हैं, जिससे की इस सरकारी योजना में धान खरीद के वक्त किसी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े।

प्रत्येक धान खरीद केंद्र में, एक सरकारी अधिकारी, एक पीएसीएस अधिकारी (PACS officer) और एक ऑपरेटर कम अकाउंटेंट होगा जो सरकार को धान खरीद की पूरी रिपोर्ट देगा।

झारखंड धान खरीद योजना – धान अधिप्राप्ति योजना

झारखंड सरकार ने किसानों से 4 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी राज्य में 239 धान खरीद केंद्र हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो इन केंद्रों की संख्या को संबंधित विभाग द्वारा बढ़ाया जाएगा।

धान का भुगतान सीधे NEFT / RTGS या डीबीटी (Direct Benefit Transfer) मोड के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जाएगा। राज्य सरकार किसानों को दिये जाने वाले बोनस पर अभी विचार कर रही है और इस बोनस से संबंधित जो भी विभाग है वो बोनस के लिए होने वाले खर्चों पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट के आने के बाद, बोनस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सभी किसानों को एसएमएस (SMS) या मोबाइल फोन के माध्यम से अपने धान की बिक्री के बारे में जानकारी मिल जाएगी। जानकारी मिलने के बाद किसान अपने धान बेचने के लिए टोकन और तारीख धान खरीद केंद्रों से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जिन किसानों ने टोकन प्राप्त नहीं किया है, उन्हें फिर से अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस (SMS) मिलेगा ताकि वे अपनी फसलों को निर्धारित क्रम से बेच सकें।

पलामू डिवीजन (पलामू, गढ़वा, लतेहार) में, राज्य सरकार ने धान खरीद के लिए एफसीआई (Food Corporation of India – FCI) को नोडल एजेंसी के रूप में चुना है। उत्तर में चोटानागपुर डिवीजन (चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो, धनबाद), दक्षिण में चोटानागपुर डिवीजन (लोहरदागा, गुमला, सिमदेगा, रांची, खुंति), कोल्हाण डिवीजन (पश्चिम सिंघभूम, सराईकेला खरसावन, पूर्वी सिंघभूम) और संथल परगना डिविजन (गोद्दा, देवघर, दुमका, जमतारा, साहिबगंज और पाकुर), इन सभी जगह धान खरीद झारखंड राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (Jharkhand State Food and Civil Supplies Corporation Ltd.) के माध्यम से की जाएगी।

राज्य सरकार ने धान अधिप्राप्ति के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया है जिसे पहले चीनी खरीद के लिए रखा गया था। धान खरीद केंद्रों में अपनी फसलों को बेचने के 15 दिनों के भीतर सभी किसानों को अपने धान की कीमतें मिल जाएंगी।

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