निर्विक योजना 2019 – निर्यातकों के लिए एमएसएमई लोन स्कीम

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Dated: September 18, 2019 | Updated On: September 24, 2019 | By: Karan Chhabra | | By | Beneficiaries: |
निर्विक योजना 2019 – निर्यातकों के लिए एमएसएमई लोन स्कीम

केंद्र सरकार देश में जो लोग निर्यात करते हैं उनके लिए एक नई निर्विक योजना 2019 (NIRVIK scheme) लाने जा रही है। मोदी सरकार निर्विक योजना से निर्यातकों (Loan Scheme for Exporters, MSMEs) के लिए ऋण उपलब्धता को बढ़ाएगी। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इस योजना की घोषणा करी। इस सरकारी योजना को एक्सपोर्ट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया शुरू करेगी। एनआईआरवीआईके योजना के तहत निर्यातकों को आसानी से लोन दिया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री निर्विक योजना 2019 (‘NIRVIK’ scheme for Exporters) से एमएसएमई क्षेत्र के निर्यातकों के मॉडरेशन के लिए काम किया जाएगा जिससे एक्सपोर्ट गारंटी बड़ाई जा सके और इसके तहत मूलधन और ब्याज का 90% तक बीमा के तहत कवर किया जाएगा।

प्रधानमंत्री निर्विक योजना (NIRVIK Yojana) के अनुसार अगर कोई नुकसान होता है, तो ईसीजीसी (Export Credit Guarantee Corporation Loan scheme – ECGC) ने लगभग 60% तक की ऋण गारंटी प्रदान की है जिसके तहत निर्विक उपभोक्ताओं व निर्यातकों को 90% तक कवर दिया जा सकेगा।

निर्विक योजना 2019 – बीमा कवर

निर्यात ऋण विकास योजना (NIRVIK Yojna for MSMEs and Exporters) के तहत निर्यातकों को 60 फीसदी तक के घाटे के लिए आसानी से क्रेडिट मिलेगा। इसके साथ ही 90 फीसदी राशि और ब्याज का इंश्योरेंस होगा। एनआईआरवीआईके योजना में प्री और पोस्ट दोनों ही शिपमेंट क्रेडिट शामिल होंगे। इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता और पहुंच को बढ़ाना है और व्यापार करने को आसान बनाना है।

निर्यात ऋण विकास योजना के तहत 80 करोड़ रुपये से अधिक की सीमा वाले रत्न आभूषण और हीरे (Gems, Jewellery, Diamond – GJD) के क्षेत्र में उच्च हानि दर के कारण इस श्रेणी के Non-GJD क्षेत्र के उधारकर्ताओं की तुलना में ज्यादा प्रीमियम दर होगी।

एक्सपोर्ट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया बीमा कवर के साथ-साथ बैंकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा (Nirvik Loan Scheme) क्योंकि उधारकर्ता की क्रेडिट रेटिंग एए रेटेड खाते में बढ़ाई जाएगी। बढ़े हुए कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण की ब्याज दर 4 प्रतिशत और 8 प्रतिशत के बीच हो।

निर्यात ऋण विकास योजना 2019 – जरूरत

जून में देश का व्यापार घाटा छह माह में सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले व्यापार घाटे में 120 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली।

मई माह में देश से होने वाले उत्पादों का निर्यात केवल चार फीसदी बढ़ कर तीन हजार करोड़ डॉलर (Nirvik Loan Scheme) के स्तर पर पहुंच पाया था। वहीं आयात में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। पिछले साल व्यापार घाटा 1420 करोड़ डॉलर था जो कि इस साल मई में बढ़कर 1540 करोड़ डॉलर हो गया था। इसलिए निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने निर्यात ऋण विकास योजना का एलान किया है।

80 करोड़ रुपये से कम की सीमा वाले खातों के लिए प्रीमियम की दर 0.60 प्रति वर्ष और मध्यम रूप से 80 करोड़ रुपये से अधिक वालों के लिए 0.72 रुपये प्रति वर्ष होगी।

SAVE AS PDF Source / Reference Link: https://www.amarujala.com/business/business-diary/ecgc-introduced-new-scheme-called-nirvik-to-enhance-loan-availability-for-exporters
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