नई शिक्षा नीति 2020 हिन्दी PDF डाउनलोड – New Education Policy 2020 Hindi

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की 4 स्टेज (5+3+3+4) और इससे जुड़ी मुख्य बातें, देखें उच्च शिक्षा व स्कूली शिक्षा में किए गए बदलाव, NEP 2020 Hindi PDF Download Online
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National Education Policy 2020 Hindi PDF | नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 हिन्दी PDF | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 PDF Hindi

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। जिससे आने वाले समय में इस नई एजुकेशन पॉलिसी से स्कूल से कॉलेज स्तर तक शिक्षा प्रणाली में कई बदलाव आयेंगे जो आज तक नहीं देखने को मिले। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के अनुसार नई शिक्षा नीति 2020 में स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन (Graduation & Post Graduation) तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होने प्रैस वार्ता में बताया की हायर एजुकेशन के लिए सिंगल रेगुलेटर रहेगा जिसमें लॉ और मेडिकल एजुकेशन को शामिल नहीं किया गया है। नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी GER पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

इसके अलावा नई शिक्षा नीति 2020 में ई-पाठ्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित किए जाएंगे मतलब की अब बच्चों पर शिक्षा के लिए किसी भाषा को थोपा नहीं जाएगा वह अपनी रुचि के अनुसार इंग्लिश, हिन्दी और अपनी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ सकता है और परीक्षा भी दे सकता है। नई एजुकेशन पॉलिसी में बच्चों के 360 विकास के लिए वर्चुअल लैब विकसित की जा रही है और एक राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम (NETF) बनाया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति 2020 में पढ़ाई की रुपरेखा या फिर पाठ्यक्रम 5 + 3 + 3 + 4 के आधार पर तैयार किए जाएंगे। इसमें अंतिम 4 वर्ष 9वीं से 12वीं शामिल हैं। अब अगर कोई छात्र या छात्रा कक्षा 6 से ही नए कौशल (जैसे कोडिंग, मैनेजमेंट, रिसर्च, डेव्लपमेंट) को सीखना चाहता है तो कर सकता है इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक विकास के लिय एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज को मेन कैरिकुलम में शामिल किया जाएगा।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 PDF डाउनलोड

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और कुछ मुख्य बिन्दुओं को पीडीएफ़ फ़ारमैट में MHRD की आधिकारिक वैबसाइट से नीचे दिये गए लिंक्स से डौन्लोड किया जा सकता है। MHRD New National Education Policy 2020 को हिन्दी और अंग्रेजी में डाउनलोड किया जा सकता है।

MHRD नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 PDF डाउनलोड Links

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पीडीएफ़ (हिन्दी)

National Education Policy 2020 – Final PDF (ENGLISH)

National Education Policy 2020 Highlights PDF – English (PDF 2)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पीडीएफ़ (Highlights) – हिन्दी में

नई शिक्षा नीति में निम्न्लिखित स्टेज को शामिल किया गया है जो कुछ इस प्रकार हैं:

  1. फाउंडेशन स्टेज – पहले तीन साल बच्चे आंगनबाड़ी में प्री-स्कूलिंग शिक्षा लेंगे। फिर अगले दो साल कक्षा एक एवं दो में बच्चे स्कूल में पढ़ेंगे। इन पांच सालों की पढ़ाई के लिए एक नया पाठ्यक्रम तैयार होगा। मोटे तौर पर एक्टिविटी आधारित शिक्षण पर ध्यान रहेगा। इसमें तीन से आठ साल तक की आयु के बच्चे कवर होंगे। इस प्रकार पढ़ाई के पहले पांच साल का चरण पूरा होगा।
  2. प्रीप्रेटरी स्टेज – इस चरण में कक्षा तीन से पांच तक की पढ़ाई होगी। इस दौरान प्रयोगों के जरिए बच्चों को विज्ञान, गणित, कला आदि की पढ़ाई कराई जाएगी। आठ से 11 साल तक की उम्र के बच्चों को इसमें कवर किया जाएगा।
  3. मिडिल स्टेज – इसमें कक्षा 6-8 की कक्षाओं की पढ़ाई होगी तथा 11-14 साल की उम्र के बच्चों को कवर किया जाएगा। इन कक्षाओं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। कक्षा छह से ही कौशल विकास कोर्स भी शुरू हो जाएंगे।
  4. सेकेंडरी स्टेज – कक्षा नौ से 12 की पढ़ाई दो चरणों में होगी जिसमें विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा। विषयों को चुनने की आजादी भी होगी।

नई शिक्षा नीति 2020 की मुख्य बातें

केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक हर बच्चे के लिए शिक्षा सुनिश्चित की जाए जो पुरानी शिक्षा नीति से संभव नहीं था इसलिए इस पॉलिसी को लाना बहुत जरूरी था। इसके लिए एनरोलमेंट को 100 फीसदी तक लाने का लक्ष्य भी सरकार ने रखा है। इसके अलावा स्कूली शिक्षा के निकलने के बाद हर बच्चे के पास लाइफ स्किल भी होगी। जिससे वो जिस क्षेत्र में काम शुरू करना चाहे, तो वो आसानी से कर सकता है।

इसके अलावा इस नई एजुकेशन पॉलिसी में निम्न्लिखित बातों पर बहुत जोर दिया गया है जो आने वाले समय में बहुत ही लाभदायक होंगी:

  • नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई कराई जाएगी, इसे क्लास आठ या उससे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अन्य व विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकेंडरी लेवल से शुरू होगी।
  • साल 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जीईआर (Gross Enrolment Ratio) के साथ माध्यमिक स्तर तक एजुकेशन फ़ॉर ऑल का लक्ष्य रखा गया है।
  • अभी भी 2 करोड़ ऐसे बच्चे हैं जो कभी स्कूल नहीं गए। ऐसे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए स्कूल के बुनियादी ढांचे का विकास और नवीन शिक्षा केंद्रों की स्थापनी की जाएगी।
  • स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 का नया पाठयक्रम संरचना लागू किया जाएगा जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 उम्र के बच्चों के लिए है। इसमें अब तक दूर रखे गए 3-6 साल के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है।
  • नई प्रणाली में प्री स्कूलिंग के साथ 12 साल की स्कूली शिक्षा और तीन साल की आंगनवाड़ी होगी। इसके तहत छात्रों की शुरुआती स्टेज की पढ़ाई के लिए तीन साली की प्री-प्राइमरी और पहली तथा दूसरी क्लास को रखा गया है। अगले स्टेज में तीसरी, चौथी और पाँचवी क्लास को रखा गया है। इसके बाद मिडिल स्कूल याना 6-8 कक्षा में सब्जेक्ट का इंट्रोडक्शन कराया जाएगा। सभी छात्र केवल तीसरी, पाँचवी और आठवी कक्षा में परीक्षा देंगे। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा पहले की तरह जारी रहेगी। लेकिन बच्चों के समग्र विकास करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें नया स्वरूप दिया जाएगा। एक नया राष्ट्रीय आकलन केंद्र ‘परख (समग्र विकास के लिए कार्य-प्रदर्शन आकलन, समीक्षा और ज्ञान का विश्लेषण) एक मानक-निर्धारक निकाय के रूप में स्थापित किया जाएगा।
  • पढ़ने-लिखने और जोड़-घटाव (संख्यात्मक ज्ञान) की बुनियादी योग्यता पर ज़ोर दिया जाएगा। बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की प्राप्ति को सही ढंग से सीखने के लिए अत्यंत ज़रूरी एवं पहली आवश्यकता मानते हुए ‘एनईपी 2020’ में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा ‘बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर एक राष्ट्रीय मिशन’ की स्थापना किए जाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
  • एनसीईआरटी 8 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (NCPFECCE) के लिए एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा विकसित करेगा।
  • सामाजिक और आर्थिक नज़रिए से वंचित समूहों (SEDG) की शिक्षा पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
  • शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय प्रोफ़ेशनल मानक (एनपीएसटी) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2022 तक विकसित किया जाएगा, जिसके लिए एनसीईआरटी, एससीईआरटी, शिक्षकों और सभी स्तरों एवं क्षेत्रों के विशेषज्ञ संगठनों के साथ परामर्श किया जाएगा।
  • जीडीपी का छह फ़ीसद शिक्षा में लगाने का लक्ष्य भी रखा गया है जो अभी 4.43 प्रतिशत है।
  • नई शिक्षा का लक्ष्य 2030 तक 3-18 आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है।
  • छठी क्लास से वोकेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए इसके इच्छुक छात्रों को छठी क्लास के बाद से ही इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इसके अलावा म्यूज़िक और आर्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा. इन्हें पाठयक्रम में लागू किया जाएगा।
  • पहली बार मल्टीपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम लागू किया गया है। मतलब आज की व्यवस्था में अगर चार साल इंजीनियरिंग पढ़ने या छह सेमेस्टर पढ़ने के बाद किसी कारणवश आगे नहीं पढ़ पाते हैं तो आपके पास कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में एक साल के बाद सर्टिफ़िकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल के बाद डिग्री मिल जाएगी। इससे उन छात्रों को बहुत फ़ायदा होगा जिनकी पढ़ाई बीच में किसी वजह से छूट जाती है।
  • नई शिक्षा नीति में छात्रों को ये आज़ादी भी होगी कि अगर वो कोई कोर्स बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में दाख़िला लेना चाहें तो वो पहले कोर्स से एक ख़ास निश्चित समय तक ब्रेक ले सकते हैं और दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं।
  • उच्च शिक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। जो छात्र रिसर्च करना चाहते हैं उनके लिए चार साल का डिग्री प्रोग्राम होगा। जो लोग नौकरी में जाना चाहते हैं वो तीन साल का ही डिग्री प्रोग्राम करेंगे। लेकिन जो रिसर्च में जाना चाहते हैं वो एक साल के एमए (MA) के साथ चार साल के डिग्री प्रोग्राम के बाद सीधे पीएचडी (PhD) कर सकते हैं। उन्हें एमफ़िल (M.Phil) की ज़रूरत नहीं होगी।

उच्च शिक्षा में ये बदलाव

उच्च शिक्षा में सरकार ने नई शिक्षा नीति में जो बदलाव किए हैं वो इस प्रकार हैं:

  • उच्च शिक्षा में मल्टीपल इंट्री और एग्जिट का विकल्प
  • पांच साल का कोर्स वालों एमफिल में छूट
  • कॉलेजों के एक्रेडिटेशन के आधार पर ऑटोनॉमी
  • मेंटरिंग के लिए राष्ट्रीय मिशन
  • हायर एजुकेशन के लिए एक ही रेग्यूलेटर
  • लीगल एवं मेडिकल एजुकेशन शामिल नहीं
  • सरकारी और प्राइवेट शिक्षा मानक समान
  • नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की होगी स्थापना
  • शिक्षा में तकनीकी को बढ़वा
  • दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा में बदलाव
  • 8 क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्सेस शुरू

स्कूली शिक्षा में ये बदलाव

स्कूली शिक्षा में किए गए बदलाव निम्न्लिखित हैं:

  • 3 से 6 साल के बच्चों के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन
  • एनसीईआरटी द्वारा फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु
  • 9वीं से 12वीं की पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर
  • बच्चों के लिए नए कौशल: कोडिंग कोर्स शुरू
  • एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज-मेन कैरिकुलम में शामिल
  • वोकेशनल पर जोर: कक्षा 6 से शुरू होगी पढ़ाई
  • नई नेशनल क्यूरिकुलम फ्रेमवर्क तैयार : बोर्ड एग्जाम दो भाग में (सेमेस्टर प्रणाली)
  • रिपोर्ट कार्ड में लाइफ स्किल्स शामिल
  • साल 2030 तक हर बच्चे के लिए शिक्षा सुनिश्चित

स्कूल लेवल पर वोकेशनल स्टडी पर फोकस

नई शिक्षा नीति में निम्न्लिखित बातों पर सरकार फोकस करेगी जैसे की:

  • प्रत्येक बच्चा कम से कम एक वोकेशन जरूर सीखे और कई और चीजों के संपर्क में आए उनके बारे में जानकारी ले।
  • ग्रेड्स 6-8 के दौरान राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा तय किए गए महत्वपूर्ण व्यावसायिक शिल्प, जैसे कि बढ़ईगीरी, बिजली का काम, धातु का काम, बागवानी, मिट्टी के बर्तन बनाने आदि से संबन्धित व्यवसाय की जानकारी ले।
  • 2025 तक, स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50% शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए जोखिम होगा जिसके लिए शिक्षकों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी उचित कदम
  • स्थानीय व्यावसायिक विशेषज्ञों जैसे कि बढ़ई, माली, कुम्हार, कलाकार, आदि के साथ 6-8 से 10 वीं की पढ़ाई के दौरान कुछ समय के लिए 10 दिन का बैगलेस पीरियड मतलब इंटर्नशिप

इसके अलावा New Education Policy 2020 Highlights को पीडीएफ़ में डाउनलोड करने के लिए आप नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं:
नई शिक्षा नीति 2020 pdf डाउनलोड | New Education Policy India

Content Source / Reference Link: https://www.jansatta.com/education/new-education-policy-2020-live-updates-in-hindi-hrd-ministry-approves-new-national-education-policy-2020-latest-news-mhrd-nep-today-news-in-hindi/1481965/ SAVE AS PDF
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5 thoughts on “नई शिक्षा नीति 2020 हिन्दी PDF डाउनलोड – New Education Policy 2020 Hindi”

  1. This Education policy is waiting for implimentation and result. It seems hopefull and Quality based with National vision.

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  2. प्रति,
    मा. पंतप्रधान, भारत सरकार, नवी दिल्ली (vide PMOPG/E/2020/0697227)
    विषय—शैक्षणिक धोरण-२०२०
    नविन शैक्षणिक धोरणामध्ये थोर विचारवंतांच्या विचारांना स्थान आहे का ? ? ? याचा खुलासा करावा हि नम्र विनंती.
    १. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी म्हणतात,—-शिक्षण म्हणजे काय ? जर त्याचा अर्थ अक्षरज्ञान एव्हढाच असेल तर ते एक साधनच झाले. त्याचा सदुपयोगही होईल आणि दुरूपयोगही होईल. ज्या ह्त्याराने शस्त्रक्रिया करून आजाऱ्याला बरे करता येते, तेच ह्त्यार जीव घेण्यासाठीही वापरता येते. तसे अक्षरज्ञानाचे आहे. त्याचा दुरूपयोग पुष्कळ माणसे करतात हे तर आपण पाहतोच. त्याचा सदुपयोग त्या मानाने थोडीच माणसे करतात. हे माझे म्हणणे बरोबर असेल तर अक्षरज्ञानाने जगाला फायदा होण्याएवजी त्याचे नुकसान झाले आहे असे सिध्द होते. शिक्षणाला शुध्द चारित्र्याची बैठक नसेल तर त्या शिक्षणाची किंमत शून्य आहे. त्या शिक्षणाला सत्यनिष्ठेचा व शुध्दतेचा भरभक्कम आधार नसेल तर ते कुचकामी ठरेल. आपल्या जीवनातील व्यक्तीगत शुध्दता, पावित्र्य यांकडे शिक्षकांचे लक्ष नसेल तर शिक्षकांचा नाश होईल. शिक्षकांच्या पांडित्याला काहीही किंमत नाही.
    २. माजी राष्ट्रपती डॉ. राधाकृष्णन् म्हणतात,—-आपण पक्ष्याप्रमाणे विहार करण्यास शिकलो, माशाप्रमाणे पाण्यात तरंगण्यास शिकलो, परंतू माणसाप्रमाणे वागण्यास शिकलो नाही. शिक्षक आणि विद्यार्थ्यांमध्ये घट्ट जिव्हाळ्याचे संबंध असले पाहिजेत. त्यांना विद्यार्थ्यांबद्दल ममता वाटली पाहिजे आणि विद्यार्थ्यांचा आदर त्यांनी सहजतेने संपादन केला पाहिजे.
    ३. माजी राष्ट्रपती डॉ. कलाम यांनी विद्यार्थ्यांना दिलेल्या ७ शपथा आणि शिक्षकांना दिलेल्या १० शपथा यांचा विचार.
    ४. शिक्षकांचे व पालकांचे प्रबोधन करणे अत्यावश्यक आहे.
    ५. शारिरीक विकास, मानसिक विकास, बौध्दीक विकास, आध्यात्मिक विकास या सर्वांगिण व्यक्तिमत्त्व विकासाचा समावेश आहे का ?
    या सर्व कार्यासाठी, उपक्रमासाठी प्रामाणिक, कार्यक्षम व हुषार व्यक्तींची च नेमणूक केली पाहिजे.

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  3. please send me नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 PDF in hindi / marathi immediately

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