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मातृत्व लाभ प्रोत्साहन योजना – 26 सप्ताह के मातृत्व लाभ के लिए सरकार का नया कदम

Read in English November 26, 2018 | UPDATED ON: September 19, 2019
Maternity Leave Incentive Scheme 26 Weeks Paid Leave

श्रमिक और रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment) ने सभी गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ प्रोत्साहन योजना (Maternity Leave Incentive Scheme) के बारे में क्लैरिफिकेशन दे दिया है क्योंकि मीडिया के कुछ हिस्सों में इस योजना के बारे में कुछ गलतफहमी फैलाई जा रही थी जैसे की इस प्रस्ताव के वर्तमान चरण में मातृत्व लाभ योजना को मंजूरी मिल गई है। हालांकि, इस योजना के लिए जो आवश्यक बजट है उसकी फ़ाइल अधिकारियों के पास मंजूरी के लिए गई हुई है। कुछ रिपोर्टें बताती हैं कि इस योजना को श्रम कल्याण विभाग द्वारा फ़ंड से चलाया जाएगा। जिससे श्रम कल्याण विभाग के ऊपर 400 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ बढ़ जाएगा।

मातृत्व लाभ अधिनियम (Maternity Benefit Act), 1961 केवल उन संस्थानो पर लागू होता है जो कारखानों, खदानें, वृक्षारोपण, दुकानों, अन्य संस्थाओं में जहां 10 से अधिक व्यक्ति काम करते हैं। यदि इस प्रस्तावित योजना को मंजूरी मिलती है और इसको इम्प्लीमेंट किया जाता है, तो इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश की हर महिला के पास रोज़गार, पर्याप्त सुरक्षा और सुरक्षित वातावरण समान रूप से पहुंचे।

यहां तक ​​कि देशभर की महिलाएं अपने घरेलू काम-काज का बड़ा हिस्सा जैसे की बाल देखभाल को भी जारी रख सकती हैं।

केंद्र सरकार मातृत्व लाभ प्रोत्साहन योजना

इस मातृत्व लाभ योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • कोई भी कंपनी, कारखाना, दुकान, खदान जिनके पास 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, उन्ही को मातृत्व लाभ प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा।
  • मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 बच्चे के जन्म से पहले और बाद में उनके काम करने वाली जगहों पर महिलाओं के रोजगार को रेगुलेट करेगा और उन्हें कुछ अन्य लाभ भी प्रदान करेगा।
  • इस अधिनियम में मातृत्व लाभ संशोधन अधिनियम 2017 (Maternity Benefit Amendment Act 2017) के माध्यम से कुछ बदलाव किया गया था। इस संशोधन में केंद्र सरकार ने मातृत्व लाभ के भुगतान को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया है।
  • इस योजना का इम्प्लीमेंटेशन सार्वजनिक जगहों पर तो अच्छा है लेकिन कुछ रिपोर्टें ऐसा कहती हैं कि इसका इम्प्लीमेंटेशन निजी क्षेत्र और कांट्रैक्ट नौकरियों में अच्छा नहीं है।
  • निजी क्षेत्र के उद्यमी महिला कर्मचारियों को अपने संस्थानों पर नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते, क्यूंकि उनको फिर महिला कर्मचारी को मातृत्व लाभ देना होगा।
  • श्रम और रोजगार मंत्रालय को विभिन्न क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि जब कंपनी के मालिक को पता चलता है कि उनकी महिला कर्मचारी मैटरनिटी लीव के लिए एप्लिकेशन देने वाली है तो वे महिला कर्मचारी को कंपनी से निकाल देते है।

यह क्लैरिफिकेशन आवश्यक था क्योंकि श्रम मंत्रालय के सामने कुछ रिपोर्टें आ रही हैं कि जिन महिला कर्मचारी को मैटरनिटी लीव चाहिये उन्हें लीव पे जाने से पहले जॉब छोड़ने या पीछे हटने के लिए कहा जाता है। मातृत्व लाभ प्रोत्साहन योजना मालिकों को महिलाओं को छुट्टी का भुगतान करने में सहायता करेगी जोकि साथ-साथ निजी क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।

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Karan Chhabra at Sarkari Yojana
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