मध्य प्रदेश मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना 2019 – 34,000 छात्रों को दिया जाएगा पौष्टिक भोजन

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Views: 1460 | Dated: August 21, 2019 | Updated On: September 9, 2019 | By: Karan Chhabra |
मध्य प्रदेश मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना 2019 – 34,000 छात्रों को दिया जाएगा पौष्टिक भोजन

मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता वाली हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को मध्यप्रदेश सरकार मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना 2019 (Madrasa Mid-Day Meal Scheme in Madhya Pradesh) में मदरसों को भी शामिल करने जा रही है। राज्य मदरसा बोर्ड द्वारा अनुमोदित प्रदेश में 1,406 मदरसे हैं, जिनमें से 1,375 मदरसों को मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना (MP Madrasa Mid-Day Meal Scheme) में शामिल किया जाएगा। इससे पहले इनमें से कई मदरसें ऐसे हैं जिनको इस सरकारी योजना में पहले से ही केंद्र सरकार का समर्थन है मिल रहा है।

एमपी मिड डे मील (मध्यान भोजन) योजना 2019 (MP Madrasa Mid-Day Meal Scheme) में 34 हजार से ऊपर छात्रों को पोषक तत्वों से भरपूर दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें से प्राथमिक स्तर के लगभग 77% छात्र इस एमपी मिड डे मील (मध्यान भोजन) योजना (Madrasa Mid-Day Meal Scheme in Madhya Pradesh) से लाभान्वित होंगे। मप्र सरकार ने मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना (MP Madrasa Mid-Day Meal Scheme) के लिए 10.20 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिये हैं।

इसके साथ ही इस मीटिंग में अन्य निर्णय जैसे की एमपी इंदिरा गृह ज्योति बिजली योजना को भी शुरू करने का फैसला किया है।

एमपी मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना

मंत्रिमंडल ने आदिवासियों को शोषण से बचाने के लिए मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति साहूकार अधिनियम 1972 में संशोधन को भी मंजूरी दी। जिसके तहत निजी साहूकारों द्वारा आदिवासियों को शोषण से बचाने के लिए अब नए प्रावधान लागू होंगे जैसे की अगर किसी साहूकार के पास लाइसेंस नहीं है, अब से वह किसी भी आदिवासी को कर्ज नहीं दे सकता है।

यह भी पढ़ें : मध्य प्रदेश आदिवासी कर्ज माफी योजना 2019 – आदिवासियों को मिलेगी साहूकारों के कर्ज से मुक्ति

Read in English : MP Govt. Mid-Day Meal Scheme Benefits to 34,000 Madrasa Students

सोमवार की कैबिनेट बैठक में, सीएम कमलनाथ ने अपनी सरकार का एक और लक्ष्य बताया जिसमें वे मिलावट के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और उन्होने नारा भी दिया “शुद्ध के लिए युद्ध” जिसके लिए वह राज्य में मिलावट खोरों के खिलाफ जंग लड़ेंगे। इसके लिए उन्होने बताया की सिर्फ दूध और डेयरी उत्पाद ही नहीं, मिलावट के खिलाफ वे अनाज, तेल और अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए भी लड़ाई लड़ेंगे।

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