कृषि ऋण समाधान योजना (किसान कर्ज राहत) मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जल्द होगी शुरू

Dated: April 11, 2018 | Updated On: April 26, 2019 | By: Karan Chhabra | 838 Views |
Krishi Rin Samadhan Yojana MP

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कृषि ऋण समाधान योजना के शुभारंभ को मंजूरी दे दी है। यह ऋण राहत योजना डिफॉल्टर किसानों के बैंक ऋण पर ब्याज को हटा देगी। जो भी किसान 30 जून 2017 तक अपने ऋण का भुगतान करने में असमर्थ रहे हैं, वो इस योजना के अंतर्गत शामिल किये जायेंगे। मध्य प्रदेश सरकार किसान कर्ज राहत योजना / MP लोन माफी योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये प्रदान करेगी।

इस बैंक ऋण ब्याज छूट योजना से मध्यप्रदेश में लगभग 17.78 लाख किसानों को फायदा होगा।

राज्य मंत्रिमंडल किसानों को 2 किस्तों में अपने ऋण का भुगतान करने की अनुमति देगी। पहली किश्त का भुगतान 15 जून 2018 तक किया जाना है। पहली किस्त (ऋण राशि का 50%) का भुगतान करने के बाद सरकार ब्याज सब्सिडी प्रदान करेगी और डिफॉल्टर किसानों के ब्याज को समाप्त कर देगी।

इसके अलावा, सरकार 2018 में दूसरे ऋण के लिए एक नई क्रेडिट लिमिट को मंजूरी देगी। इसके लिए, MP सरकार द्वारा ऋण राशि का 80% कवर किया जाएगा और बैंक शेष 20% राशि को सहन करेंगे।

मध्यप्रदेश कृषि ऋण समाधान योजना – किसान कर्ज राहत योजना

इस MP कर्ज माफी योजना की महत्वपूर्ण और मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं

– जो किसान अपने अंशकालिक ऋण (डिफॉल्टर) को 30 जून 2017 तक जमा करने में नाकाम रहे हैं, वे ऋण राहत प्राप्त करेंगे।
– MP सरकार किसान कर राहत योजना के तहत बैंक से लिए हुए ऋण पर ब्याज को माफ कर देगी। यह योजना राज्य में लगभग 17.78 लाख डिफॉल्टर किसानों की मदद करेगी।
– अब किसान दो समान किश्तों में अपने कर्ज का भुगतान कर सकते हैं। 50% ऋण राशि की पहली किश्त 15 जून 2018 तक जमा करनी होगी।
– 50% किस्त के भुगतान के बाद ब्याज में छूट दी जाएगी और वित्तीय वर्ष 2018 में ऋण के लिए एक नई क्रेडिट सीमा भी स्वीकृत होगी।
– इसके अलावा, ऋण की शेष मूल राशि को 0% ब्याज पर नकद ऋण में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
– MP सरकार ने इस लोन माफी योजना / कृषि ऋण समाधान योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। राज्य सरकार ऋण राशि का 80% सहन करेगी जबकि सहकारी बैंकों को कर्ज का 20% सहन करना होगा।

Krishi Rin Samadhan Yojana

कृषि ऋण समाधान योजना डिफॉल्टर किसानों के वित्तीय समावेशन में मदद करेगी तथा सरकार के प्राथमिक उद्देश्य यानी “2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना” में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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