झारखंड मुख्यमंत्री सुकन्या योजना 2019 – लड़कियों के पालन-पोषण तथा बाल विवाह रोकने के लिए प्रोत्साहन राशि

Dated: November 29, 2018 | Updated On: April 9, 2019 | By: Karan Chhabra | |
Jharkhand Mukhya Mantri Sukanya Yojana

झारखंड सरकार 1 जनवरी 2019 से प्रदेश की लड़कियों के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना शुरू करने जा रही है। इस सुकन्या योजना झारखंड के तहत सभी लड़कियों के जन्म से लेकर 18 साल की उम्र तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस सरकारी योजना में प्रोत्साहन राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer – DBT) के माध्यम से सीधे अकाउंट में ट्रान्सफर किया जाएगा। इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग लड़कियों के बेहतर पोषण के लिए और बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मुख्य उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा का समर्थन करना है और इस योजना से लगभग 26 लाख परिवारों की लड़कियों को लाभ पहुंचेगा। सरकार का कहना है की सभी गैर सरकारी और पंचायती राज की संस्थाओं को सरकार के साथ समन्वय मिला कर काम करना चाहिए ताकि समाज की सामाजिक बुराइयों को हटाया जा सके।

झारखंड सरकार का कहना है की उनके किए गए पिछले 4 वर्षों के कार्यों ने मातृ मृत्यु दर (Maternal mortality Rate – MMR) और शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate – IMR) को कम कर दिया है। राज्य सरकार ने इसे और आगे बढ़ाने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना शुरू करने का फैसला किया है।

झारखंड मुख्यमंत्री सुकन्या योजना – Jharkhand Mukhyamantri Sukanya Yojana

झारखंड सरकार के तहत बच्चियों के अच्छे पालन-पोषण और बाल विवाह को रोकने के लिए नए वर्ष (जनवरी 2019) से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना शुरू होगी। राज्य सरकार इस उद्देश्य के लिए यूनिसेफ (UNICEF) और सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ काम करेगी। लड़की के जन्म के समय के बाद से 18 वर्ष की हो जाते ही राज्य सरकार समय-2 पर उन्हें अपने सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 1 जनवरी 2019 से पहले से चल रहीं 2 योजनाएं – मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना समाप्त कर दी जाएगी।

राज्य के 5 जिलें देवघर, गोड्डा, कोडरमा, गिरिडीह और पलामू में बाल विवाह के बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं इसलिए झारखंड सरकार उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रखेगी।

कक्षा 1, 6, 9 और 11 वीं के लिए नामांकन के समय, वित्तीय राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लड़कियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना से बालिकाओं के स्कूल छोडने की दर में भी कमी आएगी।

वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्य सरकार लड़कियों की बेहतर उन्नति सुनिश्चित करेगी, जिससे उनके आर्थिक और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा मिलेगा।

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