हरियाणा में उच्च शिक्षा ऋण योजना के तहत गरीब लड़कियों को आर्थिक मदद

Views: 959 | Dated: September 2, 2017 | Updated On: April 5, 2019 | By: Karan Chhabra |
हरियाणा में उच्च शिक्षा ऋण योजना के तहत गरीब लड़कियों को आर्थिक मदद

हरियाणा की राज्य सरकार ने पूरे राज्य में गरीब परिवारों से सम्बन्ध रखने वाली लड़कियों के लिए “उच्च शिक्षा ऋण योजना” नामित एक योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लड़कियों को ऋण सुविधा मुहैया कराना है जो अपनी पढ़ाई को अधूरी छोड़ देती है क्योंकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उनके या फिर उनके घर वालों के पास पर्याप्त पैसे नहीं होते।

उच्च शिक्षा ऋण योजना के तहत राज्य सरकार जरूरतमंद क्षात्राओं को धन संबंधी सहायता प्रदान करके उच्च शिक्षा प्राप्त करने में उनकी मदद करेगी। यह योजना हरियाणा के महिला विकास निगम प्राधिकरण द्वारा संचालित होगी।

इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की क्षात्राओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना से गरीब क्षात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने करियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने और स्वतंत्र होने के लिए भी मदद करेगी। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण केवल 5% प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

उच्च शिक्षा ऋण योजना के लिए योग्यता

हरियाणा उच्च शिक्षा ऋण योजना के लिए योग्यता मानदंड नीचे दिए गए हैं

  • आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • आवेदक कम से कम 12 वीं पास होनी चाहिए।
  • इस योजना का लाभ केवल राज्य के लड़कियों को ही दिया जाएगा।
  • लड़की की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • धन संबंधी सहायता केवल उच्च अध्ययन के लिए ही प्रदान की जाएगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में साक्षरता दर 67.91 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 64.80 प्रतिशत से अधिक है। पुरुषों की साक्षरता दर 78.49 प्रतिशत और महिलाओं की 55.73 प्रतिशत है जो भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

SC/ST में साक्षरता दर 55.45 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत से कम है। SC/ST महिला के बीच साक्षरता दर केवल 42.26 प्रतिशत है। हालांकि SC/ST के बीच पुरुष साक्षरता (66.93 प्रतिशत) महिला साक्षरता की तुलना में काफी अधिक है।

उच्च शिक्षा ऋण योजना की विशेषताएं

  • लड़कियों को केवल 5% ब्याज दर पर ऋण मिलेगा।
  • यह योजना उच्च शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रेरित करेगी।
  • हरियाणा सरकार के महिला कर्मचारी भी इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ऋण ले सकेंगे।
  • इस ऋण योजना के लाभार्थी विदेश में भी उच्च शिक्षा लेने के लिए योग्य होंगे।

दुर्भाग्य से महिलाओं को पूरे देश में बलात्कार, भेदभाव और असमानता जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन मुद्दों पर काबू पाने के लिए सरकार को एक नीति तैयार करनी चाहिए जिससे लड़कियों को भी समान अवसर मिलें।

यह योजना निश्चित रूप से स्थिति में सुधार करेगी और अधिक महिलाओं / लड़कियों को शिक्षित होने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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