अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक करना होगा जरुरी – जानें इसके बेनिफिट

Dated: January 9, 2019 | Updated On: May 6, 2019 | By: Karan Chhabra | 976 Views | | Beneficiaries: |
Aadhaar Driving Licence DL Linking

केंद्र सरकार जल्द ही नागरिकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य करने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही एक कानून लाएंगे जिससे आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा। यह जानकारी पंजाब के 106 वें Indian Science Congress लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University – LPU) में Union Minister of law, electronics & information technology द्वारा दी गई है।

आधार कार्ड को Driving Licence से लिंक करने के बाद उन लोगों को ट्रेस किया जा सकेगा जो दुर्घटना का कारण बनते हैं और भाग जाते हैं। इस नए कानून से उन लोगों और परिवारों को न्याय मिलेगा, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं का सामना किया है क्योंकि इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस को डुप्लिकेट बनाना नामुमकिन हो जाएगा।

आधार कार्ड एक सुरक्षित दस्तावेज है जिसमें नागरिकों की सभी डीटेल को गोपनीय रखा जाता है, और ये बहुत सी सरकारी योजनाओं में सरकार द्वारा मांगा भी जाता है। आधार-डीएल (Aadhar-DL linking law) का कानून बनने के बाद, दोषी व्यक्ति के लिए नकली ड्राइविंग लाइसेंस बनाना और अपनी पहचान छुपाना मुश्किल हो जाएगा।

आधार कार्ड – ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से लिंक करना अनिवार्य – बेनिफिट

पंडित रविशंकर प्रसाद ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence – DL) के साथ आधार को जोड़ने के लिए एक कानून लाकर इसे अनिवार्य कर देगी। यह कानून आगे आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए लाया जाएगा जो नीचे दी गई हैं:

  • वर्तमान में दुर्घटना का कारण बनने वाला दोषी व्यक्ति क्राइम सीन से भाग जाता है और डुप्लिकेट लाइसेंस के जरिये आसानी से छूट जाता है।
  • लेकिन जब आधार कार्ड के साथ वाहन डीएल लिंक अनिवार्य होने के बाद, दोषी व्यक्ति अपना नाम तो बदल सकता है, पर बायोमेट्रिक्स, आईरिस और उंगलियों के निशान को नहीं बादल सकता।
  • फिर भी अगर कोई दोषी व्यक्ति डुप्लिकेट लाइसेंस के लिए आवेदन करता है, तो सिस्टम यह बता देगा की उस व्यक्ति के पास पहले से ही ड्राइविंग लाइसेंस है और उसे नया जारी नहीं किया जाएगा।

हाल ही में की गई घोषणा में इस सेवा से संबंधित सभी बातों को केंद्रीय कानून मंत्री (Union Minister of Law) द्वारा समझाया गया था जैसे की यह कैसे काम करेगा और लोगों को कैसे फायदा पहुंचाएगा।

उन्होंने मोदी सरकार की डिजिटल इंडिया पहल की भी सराहना की जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल इंडिया का भरपूर फायदा मिल रहा है। डिजिटल प्रोफाइल रिपोर्ट कहती है कि भारत में ई-कॉमर्स में 51% की बढ़ोतरी हुई है और 123 करोड़ आधार कार्ड यूजर हैं, 121 करोड़ मोबाइल फोन, 44.6 करोड़ स्मार्टफोन, 56 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं।

इसके अलावा वित्त वर्ष 2017-18 (Financial Year 2017-18) में कुल डिजिटल लेनदेन 2070 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है।

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