दिल्ली मिशन बुनियाद शिक्षा योजना – पढ़ाई में कमजोर बच्चे बनेंगे होशियार

Dated: November 14, 2018 | Updated On: April 8, 2019 | By: Karan Chhabra | |
Delhi Mission Buniyaad Education Scheme

दिल्ली सरकार ने दिल्ली के छात्रों के लिए नई शिक्षा योजना मिशन बुनियाद की शुरूआत की है। यह योजना विभिन्न स्कूलों के सिखानें और पढ़ाने के परिणामों की जांच करेगी, जो राज्य सरकार या फिर नगर निगमों द्वारा चलाए जा रहे हैं। सरकार उसी हिसाब से निदेशक/ डायरेक्टर की नियुक्ति करेगी जो की तीसरी कक्षा से सातवीं कक्षा के बीच पढ़ने वाले सभी बच्चों के प्रदर्शन पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक गार्डियन 5 स्कूलों के लिए यह कार्य करेंगे।

दिल्ली सरकार MCD और अन्य स्थानीय बॉडीज / निकायो के साथ मिल कर इस योजना को डिजाइन और लागू करेगी। उसी प्रकार से सरकार इस योजना को चुनौती की तर्ज पर लेकर डिजाइन करेगी। मिशन बुनियाद योजना स्कूलों में सीखने और पढ़ने के संकट के मुद्दे को हल करेगी और यह योजना सरकार द्वारा अप्रैल 2018 से शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा, सरकार शिक्षक को प्रशिक्षित करने / सिखानें के परिणामों को देखने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। यह नई शिक्षा योजना यह सुनिश्चित करेगी कि सभी छात्र अपनी ग्रेड स्तर की पाठ्यपुस्तकों को सही से पढ़ सकें।

मिशन बुनियाद की आवश्यकता

राज्य सरकार ने निम्नलिखित चीजों के बदले इस नई शिक्षा योजना को लॉन्च करने का निर्णय लिया है: –

  1. नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) की रिपोर्ट बताती है कि देश भर में स्कूलों को (दिल्ली सहित) सिखाने की समस्या का सामना करना पड़ता हैं। यह सर्वे नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा आयोजित किया गया था।
  2. NAS रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% भारतीय विद्यालयों में तीसरी कक्षा के बच्चे अपनी ग्रेड स्तर की पाठ्यपुस्तकों को पढ़ने में नाकाम रहे।
  3. विभिन्न MCD विद्यालयों में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चे अपने माध्यमिक विद्यालयों की पुस्तकों को पढ़ने में असमर्थ थे। इन छात्रों को हाइ स्तर का अध्ययन करना भी मुश्किल लगता है।
  4. इसी कारण दिल्ली सरकार पहले से ही माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के लिए 20% तक की उनकी पढ़ने की क्षमता में सुधार करने के लिए कई पहल कर चुकी हैं। हालांकि, सरकार अब प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की सीखने और पढ़ने की प्रक्रिया में सुधार करना चाहती है।

उसी प्रकार राज्य सरकार ने 3 श्रेणियों में छात्रों को बांटा है – ब्राइट, एक्सीलेंट और उद्योग समूह ताकि उन्हें अपने कौशल को सुधारने के लिए अच्छे से प्रशिक्षण दिया जा सके।

मिशन बुनियाद का इंप्लीमेंटेशन

दिल्ली सरकार जितनी जल्दी हो सके इस नई शिक्षा योजना को लागू करना चाहती है। इस मिशन के इंप्लीमेंटेशन में निम्नलिखित नियम शामिल होंगे: –

    • डिजाइन और इंप्लीमेंटेशन के लिए, दिल्ली सरकार MCD और अन्य स्थानीय निकायों के सहयोग से काम करेगी।
    • इसके बाद, सरकार इस योजना को पिछले चैलेंज प्लान के समान डिजाइन करेगी, जो छठी कक्षा से 9वीं कक्षा के बीच छात्रों का आकलन करेगी।
    • दिल्ली सरकार प्रत्येक 5 स्कूलों के लिए एक एडवाइजर नियुक्त करेगी जो संबंधित स्कूलों के सिखानें के परिणामों की प्रोग्रैस की जांच और निगरानी करेगा। सरकार इस कार्यक्रम को सरकारी स्कूलों के गुरु शिक्षक कार्यक्रम के तहत लागू करेगी।
    • इसके अलावा, मेंटोर का मुख्य कार्य कक्षा 3 और 7 वीं कक्षा के बीच पढ़ाई करने वाले बच्चों के प्रदर्शन को ट्रैक करना है।
    • राज्य सरकार इस योजना को MCD स्कूलों में भी लागू करेगी।

मिशन बुनियाद – डीटेल

इस योजना की महत्वपूर्ण और मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: –

  • इस नई शिक्षा योजना से बच्चों के कौशल में उचित स्तर पर सुधार होगा।
  • इस योजना के तहत सरकार 3 श्रेणियों (समूहों) में छात्रों को विभाजित करेगी, जो निम्नानुसार हैं:
  • ब्राइट – जो छात्र ठीक से पढ़ने और लिखने में सक्षम हैं उन्हे इस श्रेणी में रखा जाएगा।
  • एक्सीलेंट – उन सभी छात्रों को जो इस स्तर में मध्यम अंक प्राप्त करेंगे उन्हें इस समूह में रखा जाएगा।
  • उद्योग – सरकार मुख्य रूप से इस समूह पर ध्यान केंद्रित करेगी जिसमें छात्रों को हाइ स्तर की शिक्षा दी जाएगी।
  • इसके अलावा, सरकार अपने बच्चों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए सभी माता-पिता से आग्रह करती है की,अगर किसी छात्र के माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चों के लिए कुछ अधिक प्रयास की आवश्यकता है, तो वे मई से जून के महीने में विशेष ट्रेनिंग के लिए अपने बच्चों को भेज सकते हैं।
  • इसके अलावा, राज्य सरकार स्कूल आने वाले बच्चों को भोजन और कुछ अन्य सुविधाएं प्रदान करने का भी प्रयास कर रही है।

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