छत्तीसगढ़ हरिक नानी बेरा अभियान 2019 – कुपोषण को मिटाने के लिए सुपोषण योजना

Read in English
Views: 1460 | Dated: October 3, 2019 | Updated On: October 3, 2019 | By: Karan Chhabra |
छत्तीसगढ़ हरिक नानी बेरा अभियान 2019 – कुपोषण को मिटाने के लिए सुपोषण योजना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरिक नानी बेरा अभियान 2019 – खुशहाल बचपन की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान (Harik Naani Bera Campaign in Chhattisgarh) के तहत राज्य सरकार प्रदेश में महिलाएं और बच्चे जो कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित हैं उन्हे पौष्टिक खाना उपलब्ध कराएगी। सीजी मुख्यमंत्री सुपोषण योजना (Suposhan Abhiyan in Chhattisgarh) को पूरे राज्य में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। अभी के लिए इस सरकारी योजना की शुरुआत सिर्फ बस्तर जिलें में महिलाओं और बच्चों को मूंगफली और गुड़ से बने लड्डू देकर करी है।

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि नीती अयोग द्वारा जारी आंकड़ों में कहा गया है कि अकेले छत्तीसगढ़ में 5 वर्ष से कम आयु के 37.60 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं और 41.50 प्रतिशत महिलाएँ एनीमिया से पीड़ित हैं और इनकी संख्या बढ़ती जा रही है जिसके चलते सरकार ने मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा – सुपोषण योजना (CG Suposhan Abhiyan) को शुरू करने का निर्णय लिया है।

प्रदेश की सरकार ने अगले 3 साल में छत्तीसगढ़ को पूरी तरह से कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। जिसमें हरिक नानी बेरा खुशहाल बचपन अभियान छत्तीसगढ़ – सुपोषण योजना (CG Suposhan Abhiyan) महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सीजी हरिक नानी बेरा अभियान 2019 – मुख्य विशेषताएँ

कुपोषण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना और एनीमिया से लड़ने के लिए सीजी हरिक नानी बेरा खुशहाल बचपन अभियान 2019 की कुछ मुख्य विशेषताएँ नीचे दी गई हैं:

  • बच्चों और माताओं को हर रोज मुफ्त पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ सरकार सप्ताह में दो बार मूंगफली और गुड़ से बने लड्डू के साथ अंडे भी उपलब्ध कराएगी।
  • हरिक नानी बेरा अभियान को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बस्तर जिले में पहले से ही शुरू कर दिया गया था। जहां विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर लगभग 70,000 बच्चे और 9,000 माताओं को पौष्टिक भोजन मिल रहा था।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा चिन्हित लाभार्थियों को प्रतिदिन फ्री फूड स्कीम के तहत पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इसके अलावा प्राथमिकता के आधार अनुसार फल, दूध, अंडे, सोया चंक्स आदि उपलब्ध कराने के लिए डीएमएफ को लगाया जाएगा।
  • इस हरिक नानी बेरा अभियान को प्रसिद्ध धर्मार्थ संगठनों, जन प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, मीडिया समूहों और जिलों के अन्य सक्षम लोगों के माध्यम से जगह-जगह फैलाया जाएगा।
  • चावल, चीनी, नमक और केरोसीन देने के लिए प्रदान करने के लिए पीडीएस सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा।
  • इसके अलावा राज्य सरकार 2 किलो गुड़ हर महीने मुफ्त में उपलब्ध कराएगी।

Read in English : Chhattisgarh Harik Naani Bera Campaign – Suposhan Abhiyan to Tackle Malnutrition

छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है की इस कुपोषण से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना और सीजी हरिक नानी बेरा खुशहाल बचपन अभियान 2019 (Harik Naani Bera (Joyful Childhood) Campaign) को पूरी तरह से सफल बनाया जाया इसके लिए वे समाज के हर वर्ग को इससे जुडने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उन्हे इस योजना से जुडने या भाग लेने की अपील करेंगे।

गांधी जयंती 2 अक्टूबर को लॉन्च हुई अन्य योजनाओं की सूची

छत्तीसगढ़ सरकार नई खाद्य नीति – एपीएल/बीपीएल परिवारों को देगी सब्सिडी पर चावल
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना 2019 – आदिवासी इलाकों में मिलेगी फ्री मोबाइल चिकित्सा

SAVE AS PDF
Related Content