बिजली सब्सिडी योजना 2019 नई टैरिफ नीति (Electricity Subsidy Scheme) – ग्राहकों के बैंक खाते में आएगी सब्सिडी राशि

Dated: July 9, 2019 | Updated On: July 15, 2019 | By: Karan Chhabra | 1139 Views | | By | Beneficiaries: |
Electricity Subsidy Scheme New Power Tariff Policy

केंद्र सरकार बिजली वितरण और इससे संबंधित क्षेत्र को लेकर पुरानी नीति में सुधार करके बिजली सब्सिडी योजना (Bijli Subsidy Scheme) लेकर आ रही है। इस सरकारी योजना के अंतर्गत सुधारों को लेकर बिजली मंत्रालय ने नई टैरिफ नीति (New tariff policy) तैयार करी है। बिजली सब्सिडी योजना 2019 (Bijli Subsidy Scheme) के लिए बिजली मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया कैबिनेट नोट सभी मंत्रालयों को भेज दिया गया है। जिसके लिए मंजूरी मिलते ही इसको पूरे देश में लागू किया जाएगा।

मोदी सरकार 2.0 के अपने पहले यूनियन बजट 2019-20 को पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आने भाषण में बिजली कंपनियों को दी जाने वाली क्रॉस सब्सिडी को बंद करने की बात कही थी। मंत्रालयों द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 10 दिनों के अंदर इस बिजली सब्सिडी योजना 2019 (Electricity subsidy scheme) के आने की उम्मीद है।

बिजली मंत्रालय के द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में नई टैरिफ नीति (New tariff policy Electricity subsidy scheme) के तहत बिजली सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रान्सफर कर दी जाएगी।

बिजली सब्सिडी योजना 2019 – नई टैरिफ नीति

केंद्र की बिजली सब्सिडी ग्राहकों को देने वाली योजना में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है, इसके लिए पीएम मोदी सरकार ने सभी राज्यों से रिकॉर्ड मांगा है जिसमें यह पता चलेगा की एक साल के अंदर कितनी बिजली का इस्तेमाल करके कितने किसानों ने अपने खेतों में सिंचाई करी है ताकि आगामी वित्त वर्ष (Financial Year 2020-21 ) में उनके बैंक खाते में बिजली सब्सिडी योजना 2019 के अंतर्गत सब्सिडी राशि (Electricity subsidy scheme amount) डाली जा सके।

अभी तक किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी को उन्हे सीधा न देकर बिजली वितरण कंपनियों को दी जाती है पर हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार बिजली कंपनियों को समय पर सब्सिडी ना मिलने पर उन्हे अपने राजस्व में घाटे का सामना करना पड़ता है। इसी कारण केंद्र सरकार नई बिजली टैरिफ नीति पर काम कर रही है।

बिजली सब्सिडी योजना लाभ,विशेषताएँ

केंद्र की नई टैरिफ नीति बिजली सब्सिडी योजना (Electricity subsidy scheme benefits & objectives) के लॉन्च होने पर सभी को जैसे की किसानों, बिजली वितरण कंपनियों और बिजली के मीटर बनाने वाली कंपनियों को भी लाभ मिलेगा। हर साल हमारे देश में जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा (Electricity production in India) होती है पर फिर भी बिजली की कीमतें बहुत ज्यादा है। ऐसा इसलिए है क्यूंकि हमारे देश में बिजली का उत्पादन तो अच्छा होता है पर उसका डिस्ट्रिब्यूशन, ट्रांसमिशन करते समय बहुत सी बिजली बर्बाद हो जाती है।

बिजली मंत्रालय की नई टैरिफ नीति (Bijli Subsidy Yojana Implementation) के आने से तीन साल के अंदर-अंदर हर घर में बिजली कनेक्शन और स्मार्ट मीटर लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा और ग्राहकों को 24 घंटे बिजली भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बिजली की पर यूनिट कीमतों में भी कटौती की जाएगी।

  • वे लोग जो समय पर अपना बिजली का बिल भरते हैं उनको अलग से छूट मिलेगी।
  • बिजली की चोरी करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के साथ सजा का प्रावधान रखा गया है।
  • इसके अलावा बिजली चोरी नहीं रोक पाने वाली कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
  • अगर ग्राहकों को बिजली की आपूर्ति नहीं होती या उनको बिजली की सप्लाई न होने पर नुकसान होता है तो ग्राहकों को हर्जाना भी मिलेगा।

अन्य घोषणाएँ जो मोदी 2.0 सरकार की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2019-20 में करी निम्न्लिखित हैं – Other Schemes announced in Union Budget 2019-20
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY Blue Revolution) 2019 नीली क्रांति
नारी तू नारायणी योजना / प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) – स्वयं सहायता समूह महिलाओं को 1 लाख का सब्सिडी लोन
नेशनल ट्रांसपोर्ट / वन नेशन वन कार्ड स्कीम (NCMC) – सभी यातायात, सुविधाओं के लिए यूनिवर्सल कार्ड
केंद्र सरकार होम लोन पर ब्याज कटौती सीमा बढ़ कर 3.5 लाख हुई

नोट : सभी पाठक यह ध्यान रखें की यह प्रस्ताव अभी तैयार किया गया है मंजूरी नहीं मिली है जैसे ही हमें इस योजना से जुड़ी अन्य जानकारी मिलती है हम अपनी वेबसाइट पर इसको अपडेट कर देंगे। इसके अलावा अन्य योजनाओं की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

Source / Reference Link: https://money.bhaskar.com/news/MON-ECN-POLI-power-ministry-prepared-cabinet-note-on-new-tariff-policy-1562562262.html
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